ITR-1 और ITR-2 को लेकर हो रहे हैं कन्फ्यूज? तो जान लें आपके लिए कौन-सा फॉर्म है सही?
ITR 1 VS ITR 2: वेतनभोगी करदाताओं के लिए ITR-1 और ITR-2 में सही फॉर्म चुनना महत्वपूर्ण है, क्योंकि गलत फॉर्म भरने पर रिटर्न खारिज हो सकता है या नोटिस ...और पढ़ें

ITR-1 vs ITR-2: सैलरीड लोगों के लिए नए नियम लागू!
HighLights
ITR-1 सरल आय, ₹50 लाख से कम वालों के लिए।
ITR-2 जटिल आय, कैपिटल गेन, विदेशी आय हेतु।
सही फॉर्म चुनें, नोटिस और पेनल्टी से बचें।
नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सीजन AY2026-27 शुरू हो चुका है और इस बार सैलरिड टैक्सपेयर्स के लिए सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी हो गया है। खासकर ITR-1 और ITR-2 के बीच कन्फ्यूज सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। गलत फॉर्म भरने पर रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है या फिर नोटिस भी आ सकता है।
ITR-1: किसके लिए है आसान फॉर्म?
अगर आपकी इनकम सीधी-सादी है, तो ITR-1 आपके लिए सही है। इसमें सैलरी या पेंशन, अधिकतम 2 घरों से आय और ब्याज जैसी कमाई शामिल हो सकती है। साथ ही आपकी कुल सालाना आय ₹50 लाख से कम होनी चाहिए। इस बार एक बड़ा बदलाव यह हुआ है कि अब ITR-1 में 2 हाउस प्रॉपर्टी तक की इनकम दिखाने की अनुमति मिल गई है, जो पहले सीमित थी।
इसके अलावा, छोटे निवेशकों के लिए ₹1.25 लाख तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को भी इसमें शामिल किया जा सकता है, जिससे यह फॉर्म और ज्यादा उपयोगी बन गया है।
ITR-2: कब जरूरी हो जाता है यह फॉर्म?
अगर आपकी इनकम थोड़ी जटिल है, तो ITR-2 भरना जरूरी हो जाता है। जैसे—
* ₹50 लाख से ज्यादा इनकम
* शेयर/म्यूचुअल फंड से कैपिटल गेन
* 2 से ज्यादा प्रॉपर्टी से आय
* विदेशी इनकम या एसेट
ऐसे मामलों में ITR-1 नहीं चलेगा और ITR-2 भरना अनिवार्य हो जाता है।
सैलरीड लोग यहां करते हैं सबसे बड़ी गलती
कई बार लोग सिर्फ Form-16 देखकर ITR-1 भर देते हैं, जबकि उनके पास शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड से कमाई भी होती है। ऐसे में उन्हें ITR-2 भरना चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो रिटर्न रिजेक्ट हो सकता है या बाद में नोटिस आ सकता है।
डेडलाइन और जरूरी अपडेट
AY 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।
वहीं इस साल कुछ टेक्निकल बदलाव भी किए गए हैं, जैसे—
* Aadhaar Enrolment ID हटाई गई
* TDS सेक्शन की डिटेल्स और स्पष्ट करनी होगी
ये बदलाव फाइलिंग को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए किए गए हैं।
क्या करें टैक्सपेयर्स?
ITR भरने से पहले अपनी इनकम के सभी सोर्स चेक करें सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि निवेश, प्रॉपर्टी और विदेशी आय भी। सही फॉर्म का चुनाव ही आपको नोटिस और पेनल्टी से बचा सकता है। अगर इनकम सिंपल है तो ITR-1, लेकिन थोड़ा भी कॉम्प्लेक्स मामला है तो ITR-2 चुनना ही समझदारी है वरना टैक्स बचाने की जगह परेशानी बढ़ सकती है।