सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Gold Silver Price Hike: अमेरिका से खबर आते ही सोने-चांदी की कीमतों में 'उबाल', ₹1.60 लाख के करीब पहुंचा गोल्ड

Published: Wed, 19 Aug 2026 10:54 PM (IST)Updated: Wed, 19 Aug 2026 11:00 PM (IST)

Gold Silver Price Hike: अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिनट्स जारी होने से पहले सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी ...और पढ़ें

फेड मिनट्स से पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल।

फेड मिनट्स से पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल।

HighLights

  1. फेड मिनट्स से पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल।

  2. MCX पर सोना 3861 रुपये, चांदी 4610 रुपये तक महंगी हुई।

  3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में गिरावट मुख्य वजह।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। Gold Silver Price Hike: अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के मीटिंग के मिनट्स जारी (Minutes of Meeting) करने से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी देखी गई। रात 10 बजे के बाद MCX पर सोने की कीमतें अचानक 3861 रुपये तक महंगी (Gold Price Hike) हो गईं। सोने के साथ चांदी की कीमतों भी तूफानी तेजी देखी गई। चांदी में 4610 रुपये (Silver Price Hike) की तेजी आई।

सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई तूफानी तेजी की वजह अमेरिका है। दरअसल, भारतीय समयानुसार लगभग 11:30 बजे रात या फिर 12 बजे के आसपास अमेरिकी सेंट्रल बैंक अपनी पिछली मीटिंग के मिनट्स जारी करेगा। उससे पहले ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स गिरावट देखी गई।

1.6 लाख रुपये के करीब पहुंची सोने की कीमत

रात 10 बजकर 30 के आसपास MCX पर 5 अक्टूबर 2026 का गोल्ड वायदा 3861 रुपये महंगा होकर 158123 रुपये (Gold Price on MCX) प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया।

वहीं, 4 सितंबर 2026 का चांदी वायदा 4610 रुपये महंगी होकर 236988 रुपये (Silver Price On MCX) प्रति किलो तक पहुंच गई।

इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में जोरदार उछाल दिख रहा है। कॉमैक्स पर गोल्ड $4499 प्रति औंस (Gold Rate on Comex) तक पहुंच गया। वहीं,चांदी $66.06 प्रति औंस (Silver Rate on Comex) पहुंच गई।

क्यों आई सोने-चांदी में तूफानी तेजी

सोने और चांदी में तूफानी तेजी आने की वजह अमेरिका से आई खबर है। खबर ये है कि U.S. Treasury Yields बुधवार को 19 वर्षों में अपने उच्चतम स्तर से तेजी से गिर गई। इस गिरावट के बाद अमेरिकी ट्रेजरी ने घोषणा की कि वह लंबी अवधि वाले बांडों के लिए तरलता समर्थन बायबैक संचालन के आकार को दोगुना कर देगा। 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड यील्ड लगभग 10 बेसिस पॉइंट्स (bps) गिरकर 5.188% पर आ गए, जिसके बाद वे उछलकर 5.208% पर ट्रेड करने लगे।

एक बयान में कहा गया है कि यह बदलाव, जो 10 से 20 साल और 20 से 30 साल के सेक्टर पर लागू होगा, 9 सितंबर से 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।

 यह भी पढ़ें- PM Kisan Yojana की वेबसाइट पर क्या अपडेट आया, 24वीं किस्त के 2-2 हजार पाने के लिए जरूरी हुई ये चीज