Gold Price Today: धड़ाम से गिरे सोने-चांदी के दाम! अब खरीदें या बेचें? एक्सपर्ट अनुज गुप्ता से जानें हर सवाल का जवाब
Gold Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट के बाद, विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने निवेशकों को खरीदने या बेचने पर सलाह दी है। उन्होंने बत ...और पढ़ें
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सोने-चांदी की कीमतों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज।
विशेषज्ञ अनुज गुप्ता ने इसे खरीदारी का सुनहरा मौका बताया।
लंबी अवधि के लिए सोना सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प।
नई दिल्ली: इस हफ्ते की शुरुआत सोने और चांदी के बाजार (Gold Silver Price Today) के लिए भारी उथल-पुथल के साथ हुई है। सोमवार, 6 जुलाई 2026 को सर्राफा बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच हलचल तेज हो गई है। घरेलू बाजार में सोने का भाव (Gold Rate) ₹1,47,000 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है, जबकि चांदी (Silver Price) भी टूटकर ₹2,37,000 के करीब आ गई है।
अचानक आई इस गिरावट ने बाजार में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या कीमतों में यह गिरावट लंबे समय तक रहेगी? क्या निवेशकों को पैसा निकाल लेना चाहिए, या फिर यह ज्वेलरी बनवाने और निवेश करने का सबसे सुनहरा मौका है?
आपके इन्ही सवालों की उलझन दूर करने के लिए जागरण बिजनेस ने मार्केट और कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता से बात की। उन्होंने बाजार के मौजूदा ट्रेंड को डिकोड करते हुए निवेशकों के लिए एक क्लीयर विजन दिया है। आइए, समझते हैं उन 5 बड़े सवालों के जवाब:
सवा 1: सोने और चांदी की कीमतों में अचानक इतनी उथल-पुथल क्यों मची है?
एक्सपर्ट का जवाब: इसके पीछे मुख्य रूप से दो ग्लोबल फैक्टर काम कर रहे हैं। पहला, अमेरिका में ब्याज दरें (Interest Rate) बढ़ने की आशंका कम हो गई है, जो सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रहा है। दूसरा, वैश्विक युद्ध का खतरा टलने से लोगों ने 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित निवेश) के तौर पर सोने से पैसा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों पर दबाव बना है। इन्हीं दोनों ताकतों के आपस में टकराने से बाज़ार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल रहा है।
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सवाल 2: हालिया गिरावट को निवेशक क्या समझें— सिर्फ करेक्शन या कोई बड़ा बदलाव?
एक्सपर्ट का जवाब: इसे एक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड रिवर्सल माना जा सकता है। बाजार ने लंबी तेजी के बाद थोड़ा ब्रेक लिया है। लेकिन चूंकि ब्याज दरें स्थिर रहने के संकेत हैं और गोल्ड/सिल्वर ईटीएफ (ETF) की डिमांड बनी हुई है, इसलिए निवेशकों को इस गिरावट से घबराना नहीं चाहिए। बल्कि, इसे अपने पोर्टफोलियो में निचले स्तरों (Dips) पर सोना जोड़ने के एक शानदार मौके (Buying Opportunity) के रूप में देखना चाहिए।
सवाल 3: क्या इस साल सोना अपना नया 'ऑल-टाइम हाई' रिकॉर्ड बनाएगा?
एक्सपर्ट का जवाब: इस साल इसकी संभावना बहुत कम है। बाजार में पहले ही काफी उतार-चढ़ाव हो चुका है, इसलिए फिलहाल सोने के दाम एक सीमित दायरे (Rangebound) में ही ट्रेड करेंगे। हालांकि, अगर आपका नजरिया अगले साल (Next Year) का है, तो यकीनन आप सोने को नई ऊंचाइयों और नए रिकॉर्ड बनाते हुए देख सकते हैं। अभी कोई बहुत बड़ी तेजी या मंदी नहीं आने वाली।
सवाल 4: लॉन्ग-टर्म (लंबे समय) के निवेश के लिए क्या चुनना सही है— सोना या चांदी?
एक्सपर्ट का जवाब: लंबे समय के निवेश की बात हो, तो सोना (Gold) हमेशा नंबर वन और सबसे सुरक्षित विकल्प है। चांदी (Silver) इंडस्ट्रियल मांग पर भी निर्भर करती है, इसलिए इसमें रिस्क और अस्थिरता ज्यादा होती है। अगर आप शॉर्ट-टर्म का रिस्क ले सकते हैं, तो चांदी में अच्छा बाउंस-बैक मिल सकता है, लेकिन 5-10 साल के विजन के लिए गोल्ड को ही अपनी पहली पसंद बनाएं।
सवाल 5: जो लोग इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) करते हैं, उनके लिए आज की क्या रणनीति है?
एक्सपर्ट का जवाब: इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए बाजार में 'Buy on Dips' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति सबसे बेहतर रहेगी। अनुज गुप्ता के मुताबिक, निचले स्तरों पर खरीदारी का अच्छा मौका बन रहा है।
सोने (Gold) के लेवल्स: अहम सपोर्ट लेवल 1,46,000 के आस-पास है, जहां खरीदारी का ट्रेड लिया जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 1,48,500 से 1,49,000 के लेवल पर रेजिस्टेंस (रुकावट) देखने को मिलेगा।
चांदी (Silver) के लेवल्स: इम्पॉर्टेंट सपोर्ट 2,34,000 से 2,35,000 के बीच है। अगर भाव यहां आता है तो खरीदारी का ट्रेड देखना चाहिए। इसका रेजिस्टेंस 2,40,000 के आस-पास रहेगा।
(डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के निजी विचारों पर आधारित है। कमोडिटी या शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है, इसलिए कोई भी वित्तीय फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंसियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।)