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देश में सचमुच नहीं बची है चीनी? 1 दशक बाद विदेशों से मंगाने की नौबत! सरकार ने डीलर्स के लिए बनाया 15 दिन स्टॉक का नियम

Updated: Thu, 20 Aug 2026 12:50 PM (IST)

देश में मार्च से लगातार बढ़ रही चीनी की कीमतों के कारण सरकार ने डीलरों पर स्टॉक लिमिट लगाई है। 10 साल बाद घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर चीनी उपलब्ध कराने के लिए ड्यूटी-फ्री आयात पर विचार किया जा रहा है।

सरकार ने चीनी के 15 दिन के स्टॉक लिमिट का बनाया नियम

सरकार ने चीनी के 15 दिन के स्टॉक लिमिट का बनाया नियम

HighLights

  1. मार्च से चीनी की कीमतों में लगातार तेजी जारी।

  2. डीलरों पर 15 दिन की अस्थायी स्टॉक लिमिट लागू।

  3. घरेलू आपूर्ति हेतु 10 साल बाद चीनी आयात संभव।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| मार्च के बाद से देश में लगातार चीनी की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। हाल के दिनों में चीनी की कीमतों में अधिक तेजी देखी गई है, जिसका कारण चीनी के स्टॉक में कमी को बताया जा रहा है। त्योहारी सीजन के बीच डीलरों के लिए चीनी के स्टॉक लिमिट (sugar stock) पर लगाम लगाई गई है। इसके साथ ही 10 साल बाद चीनी के ड्यूटी फ्री आयात पर भी चर्चा तेज हो गई है। इसके साथ ही डीलरों के लिए 15 दिन की अस्थाई लिमिट भी लागू की गई है।

स्टॉक लिमिट तय के बाद भी बढ़ीं कीमतें

भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है। इसके बाद भी देश में चीनी की घरेलू आपूर्ति में कमी की अटकलें और कीमतों में तेजी देखी गई है। 1 अगस्त के बाद से किसी भी व्यापारी या डीलर के पास किसी भी समय में 30 दिन से अधिक का स्टॉक न रखने का आदेश जारी हुआ था जिसके बाद भी कीमतों में 10% तक की बढ़ोतरी देखी गई, और कीमतें रिकॉर्ड लेवल तक पहुंच गईं।

सरकार बना रही आयात का प्लान

ब्राजील के बाद भारत चीनी का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश रहा है। लेकिन देश में चीनी की घरेलू मांग पूरी करने के लिए सरकार की ओर से लगभग 1 दशक बाद चीनी के आयात की तैयारी की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ड्यूटी फ्री इंपोर्ट करेगी, जिससे उपभोक्ताओं को रियायती दरों पर चीनी उपलब्ध हो सके। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी है कि इससे चीनी की उपलब्धता और घरेलू सप्लाई बनाए रखने में मदद मिलेगी।

स्टॉक लिमिट पर फिर बना नियम

इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों ने मीडिया को बताया कि 30 सितंबर तक देश में 32 से 35 लाख टन चीनी का स्टॉक रहने की आशंका जताई जा रही है, जो नए सीजन में आने वाले 2 महीनों के लिए भी पर्याप्त नहीं होगी। ऐसे में सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाते हुए सख्त कदम उठाया है।

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सरकार ने चीनी के थोक उपभोक्ताओं के लिए अस्थायी स्टॉक रखने की सीमा में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत बड़े उपभोक्ता अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक ही अपने पास रख सकेंगे।यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू होकर 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।