सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Gold Import: इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से लोगों का गोल्ड से हुआ मोहभंग! 70% लुढ़का आयात; महीने भर में बदल गए आंकड़े

Published: Thu, 18 Jun 2026 03:51 PM (IST)

Gold Import: सोने पर आयात शुल्क 6% बढ़कर 15% होने के बाद देश में सोने का आयात 70% घट गया ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. सोने पर आयात शुल्क 6% बढ़कर 15% हो गया।

  2. आयात शुल्क बढ़ने से सोने का आयात 70% गिरा।

  3. सरकार विदेशी मुद्रा बचाने के लिए आयात नियंत्रित कर रही है।

नई दिल्ली: सोने पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। सरकार द्वारा सीमा शुल्क 6% बढ़ाकर 15% किए जाने के बाद देश में सोने का आयात करीब 70% तक घट गया है। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, जहां पहले हर महीने 75 से 100 टन सोना आयात होता था, वहीं अब यह घटकर सिर्फ 25 से 30 टन के बीच रह गया है। यह नया शुल्क 13 मई से लागू किया गया था, जिसके बाद से आयात में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

क्या है सोने के आयात की तस्वीर

हालांकि, मात्रा में गिरावट के बावजूद कीमत के लिहाज से तस्वीर अलग नजर आती है। मई महीने में सोने का आयात मूल्य सालाना आधार पर 34% बढ़कर 3.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की ऊंची कीमतें रही हैं। इसी तरह अप्रैल और मई के दौरान कुल आयात 60.14% बढ़कर 9.04 अरब डॉलर हो गया।


वहीं पूरे वित्त वर्ष की बात करें तो सोने का आयात 24% बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया, लेकिन मात्रा के लिहाज से इसमें 4.76% की गिरावट आई है और यह 721.03 टन रहा। इससे साफ है कि कीमतें बढ़ने के कारण कम मात्रा में भी ज्यादा मूल्य का आयात हो रहा है।

यह भी पढ़ें: EPFO 3.O में आपके पीएफ विड्रॉल पर टैक्स के क्या हैं नियम? जानिए किसे मिलेगी छूट


सोने की हिस्सेदारी

भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है और यहां सोने की मांग मुख्य रूप से आभूषण उद्योग से आती है। लेकिन बड़े पैमाने पर सोने का आयात देश से विदेशी मुद्रा के भारी आउटफ्लो का कारण बनता है। यही वजह है कि सरकार इस पर नियंत्रण चाहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहले सोने की अनावश्यक खरीद को लेकर सादगी अपनाने की अपील कर चुके हैं। फिलहाल देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 5% से ज्यादा है, जो अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाती है।

वहीं, पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितताओं के चलते आयात लागत और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता अब जरूरी वस्तुओं जैसे कच्चा तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चा माल और पूंजीगत सामान के आयात पर विदेशी मुद्रा खर्च करना है, ताकि आर्थिक गतिविधियों और खाद्य सुरक्षा को मजबूती मिल सके।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।