भारत के चीनी एक्सपोर्ट में बैन के बाद बिगड़े नेपाल के हाल, बालेन सरकार ने अपने नागरिकों को दिया 8 महीने का भरोसा
भारत सरकार ने सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे नेपाल में चीनी की कमी की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, नेपाल सरकार ने अपने नागरिक ...और पढ़ें

भारत के चीनी एक्सपोर्ट में बैन के बाद कैसे हैं नेपाल के हाल?
HighLights
भारत ने सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर प्रतिबंध लगाया।
नेपाल में चीनी की कमी की आशंका, उत्पादन घटा।
नेपाल सरकार ने 8 महीने के स्टॉक का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली| भारत सरकार ने हाल ही में चीनी के निर्यात पर रोक लगाई है। केंद्र सरकार ने पिछले हफ्ते चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। कच्ची, सफेद और रिफाइंड चीनी के एक्सपोर्ट (Export) पर सितंबर 2026 तक बैन लगा दिया गया है। ये फैसला देश में चीनी की कीमतों को काबू में रखने के लिए लिया गया है।
नेपाल की चिंता बढ़ी
चीनी के निर्यात पर बैन लगाने के इस फैसले का नेपाल पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। नेपाल के अखबार माई रिपब्लिका की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी आंकड़ा से पता चला है कि नेपाल का चीनी उत्पादन घटकर सालाना 1 लाख 20 हजार टन रह गया है, जो पहले 1 लाख 55 हजार टन था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल अपनी जरूरत के लिए भारत से बड़े पैमाने पर चीनी की खरीद करता है। ऊपर से नेपाल में दशैं, तिहार और छठ जैसे त्योहार में भी मांग बढ़ने की संभावना है।
नेपाल सरकार ने दिया भरोसा
नेपाल में हर महीने औसतन 20 हजार से 25 हजार टन चीनी की जरूरत पड़ती है। रिपोर्ट बताती हैं कि भारत के निर्यात रोकने के बाद आने वाले 6 महीने में नेपाल में चीनी की की उपलब्धता में कमी आ सकती है। वहीं दूसरी ओर नेपाल के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए अपने नागरिकों को भरोसा दिया है कि हमारे पास चीनी का मजबूत स्टॉक मौजूद है, और अगले आठ महीने तक घरेलू मांग पूरी की जा सकती है।
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मंत्रालय ने व्यापारियों और चीनी उत्पादकों सहित सभी पक्षों के साथ हुई बैठक में भरोसा दिया है कि भारत के बैन लगाने के बाद भी देश में चीनी की सप्लाई और आपूर्ति में किसी तरह की समस्या नहीं है।
भारत ने क्यों लगाया एक्सपोर्ट पर बैन?
भारत, ब्राजील के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है। लेकिन सवाल ये है कि इसके बाद भी आखिर क्यों चीनी के निर्यात को रोका गया? भारत ने घरेलू मांग से अधिक उत्पादन की उम्मीद में मिलों को 15 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी। लेकिन मौसम की अनिश्चितता के कारण ये आशंका है कि गन्ना उत्पादक प्रमुख क्षेत्रों में गन्ने की पैदावार कमजोर होने की वजह से उत्पादन घट सकता है। साथ ही आने वाले दिनों में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए निर्यात पर रोक लगाई गई है।