रूस ने अचानक बेच डाला ₹806193000000 का सोना, 6 साल के निचले स्तर पर रिजर्व; दुनिया में कौड़ियों के भाव बिकेगा गोल्ड?
Russia Ukraine War Impact: रूस ने एक झटके में करीब 50000 किलोग्राम सोना बेच दिया है, जिससे उसके भंडार 6 ...और पढ़ें

रूस ने बेचा भारी मात्रा में सोना वैश्विक बाजार में गिर सकते हैं दाम

समय कम है?
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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| दुनिया भर के देश, जहां पागलों की तरह सोना खरीद रहे हैं, वहीं रूस ने कुछ ऐसा कर दिया है जिसने ग्लोबल मार्केट की नींद उड़ा दी है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के रूस ने अचानक अपना खजाना खाली करना शुरू कर दिया है। रूस ने करीब 50 हजार किलो (यानी 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा) का सोना बेच डाला है।
इस भारी-भरकम बिकवाली के बाद रूस का गोल्ड रिजर्व (russia gold reserves) 6 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि रूस की इस हरकत का दुनिया पर क्या असर होगा? क्या इंटरनेशनल मार्केट में सोने के दाम धड़ाम से गिर जाएंगे?
क्या कहते हैं सेंट्रल बैंक के आंकड़े?
रूस के सेंट्रल बैंक (central bank of russia) के ताजा आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। बैंक ऑफ रूस अपने भंडार से सोना बेचना जारी रखे हुए है, जिससे जुलाई के आखिर तक उसके पास मौजूद सोने की मात्रा छह साल से ज्यादा समय में सबसे निचले स्तर पर आ गई है।
सेंट्रल बैंक ने ताजा आंकड़ों के मुताबिक,
साल की शुरुआत से 1 अगस्त तक रूस के सोने के भंडार में 1.6 मिलियन औंस यानी करीब 40,765 किलोग्राम की कमी (भारतीय करेंसी में 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के गोल्ड की कमी) आई और यह 73.2 मिलियन औंस (करीब 22.80 लाख किलोग्राम) रह गया। यह जनवरी 2020 के बाद सबसे कम मात्रा है।"
सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व वाले टॉप-10 देश
| देश | सोने का भंडार |
| अमेरिका | 8,133 टन |
| जर्मनी | 3,350 टन |
| इटली | 2,452 टन |
| फ्रांस | 2,437 टन |
| चीन | 2346 टन |
| रूस | 2,283 टन |
| स्विट्ज़रलैंड | 1,040 टन |
| भारत | 881 टन |
| जापान | 846 टन |
| पोलैंड | 632 टन |
अपना खजाना क्यों खाली कर रहा रूस?
इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है- पैसे की किल्लत। यूक्रेन युद्ध (russia ukraine war impact) के बाद से ही रूस पर कड़े ग्लोबल आर्थिक प्रतिबंध लगे हुए हैं।
उसकी तेल और गैस से होने वाली कमाई (एनर्जी रेवेन्यू) में भारी गिरावट आई है। ऐसे में देश का खर्च चलाने और बजट के घाटे को पूरा करने के लिए रूसी सरकार को मजबूरन अपने 'नेशनल वेलबीइंग फंड' से विदेशी मुद्रा और सोना बेचना पड़ रहा है।
कभी दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार था रूस
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि बैंक ऑफ रूस कभी दुनिया में सोने का सबसे बड़ा सरकारी खरीदार हुआ करता था। अपने देश की खदानों से निकलने वाला लगभग सारा सोना रूस खुद खरीद लेता था।
लेकिन, 2020 की शुरुआत में रूस ने अचानक इसकी खरीदारी रोक दी थी। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद जब प्रतिबंध लगे और रूस अपना सोना एक्सपोर्ट नहीं कर पाया, तो उसने फिर से थोड़ी-बहुत खरीदारी शुरू की, लेकिन यह बड़े पैमाने पर कभी नहीं हुई।
क्या अब औंधे मुंह गिरेंगे सोने के दाम?
महज सात महीनों के भीतर रूस के सोने के भंडार की वैल्यू में 33.7 बिलियन डॉलर (करीब 3.21 लाख करोड़ रुपए) की बड़ी गिरावट आ चुकी है। जिस तरह से रूस अपने रिजर्व से लगातार सोना निकालकर बाजार में डंप कर रहा है, उससे ग्लोबल मार्केट में सोने की सप्लाई अचानक बढ़ सकती है।
जानकारों का मानना है कि अगर रूस ने अपनी यह बिकवाली जारी रखी, तो आने वाले दिनों में सोने के दामों में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।
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