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अब 5-8 रुपये सस्ती होगी चीनी? इस दिन से आपको मिलेगी राहत! ISMA और NFCSF ने बता दिया सबकुछ

Published: Thu, 03 Sep 2026 12:20 PM (IST)

चीनी मिलों में कीमतों में गिरावट के बावजूद खुदरा बाजार में अभी तक इसका असर नहीं दिखा है। उद्योग संघों ...और पढ़ें

चीनी की खुदरा कीमतों में जल्द आएगी गिरावट!

चीनी की खुदरा कीमतों में जल्द आएगी गिरावट!

HighLights

  1. मिलों में चीनी की कीमतें ₹5000 प्रति क्विंटल से नीचे।

  2. खुदरा कीमतों में ₹5-8 प्रति किलोग्राम की कमी संभव।

  3. अगले 7-10 दिनों में उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली | चीनी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम उपभोक्ता की यही चिंता है कि आखिर खुदरा कीमतों में कमी कब आएगी? 2 सितंबर को दिल्ली में Indian Sugar & Bio-Energy Manufacturers Association (ISMA) और नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जिसमें चीनी की सप्लाई और खुदरा कीमतों में गिरावट से जुड़े तमाम सवालों का जवाब दिया।

मिल और खुदरा कीमत में कितना अंतर?

इंडस्ट्री का कहना है चीनी की कीमतें हाल के हाई लेवल से नीचे आ चुकी हैं। संघों की ओर से बताया गया कि मौजूदा एक्स-मिल कीमतों में महाराष्ट्र एस-ग्रेड की कीमत ₹4,460- ₹4,500 प्रति क्विंटल, गुजरात एम-ग्रेड की कीमत ₹4,740 और कर्नाटक की कीमत ₹4,960 रुपये प्रति क्विंटल है। कर्नाटक उन बाजारों में से एक था जहां कीमतें पहले अधिक थीं। NFCSF के अध्यक्ष हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि देशभर में मिल से बाहर के भाव अब ₹5,000 प्रति क्विंटल से नीचे हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि, खुदरा कीमतों में अभी तक इस सुधार का पूरा असर नहीं दिखा है और कुछ बाजारों में ये फिलहाल लगभग ₹63 रुपये प्रति किलोग्राम हैं।

खुदरा कीमतों में कब आएगी गिरावट?

मिलों में कीमतों में कमी के बाद अब आम उपभोक्ता अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। उद्योग जगत का अनुमान है कि मिल से प्राप्त और खुदरा कीमतों के बीच सामान्य अंतर लगभग ₹5-8 प्रति किलोग्राम होना चाहिए। हर्षवर्धन पाटिल ने कहा कि इस आधार पर खुदरा कीमतें ₹50-₹52 प्रति किलोग्राम तक बढ़नी चाहिए। ISMA के MD दीपक बल्लानी ने कहा कि मिल से प्राप्त कीमतों में गिरावट धीरे-धीरे सप्लाई चेन में भी देखने को फैल मिलेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया किया कि अगले 7-10 दिनों के भीतर बाजार में काफी सुधार देखने को मिलेगा।

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मिलों में कमी के बाद उपभोक्ता को राहत क्यों नहीं?

देशभर में मिलों के थोक दामों में लगातार गिरावट आई है, लेकिन जो थोक व्यापारी शुरू में ऊंचे दामों में चीनी खरीद कर स्टोर कर चुके हैं वो खुले बाजारों में सस्ते दामों में नहीं बेचना चाहते। थोक व्यापारियों के मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद खुदरा बाजार में भी नई कीमतें देखने को मिलेंगी। ISMA ने कहा है कि आने वाले हफ्ते में फुटकर बाजारों में भी कीमतों में काफी अंतर देखने को मिलेगा।