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    MSMEs के लिए बने GeM पोर्टल पर हुई ₹20 लाख करोड़ से अधिक की खरीदी, CEO ने बताया अगला प्लान, इन व्यापारियों को होगा फायदा

    By Rajeev KumarEdited By: Nayan Tiwari
    Updated: Fri, 07 Aug 2026 08:28 PM (IST)

    GeM पोर्टल पर MSMEs से ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद हुई है, जिसमें महिलाओं द्वारा संचालित MSMEs का बड़ा योगदान है। CEO ने बताया कि GeM का अगला ...और पढ़ें

    GeM पोर्टल पर ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद

    GeM पोर्टल पर ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद

    HighLights

    1. GeM पर MSMEs से ₹20 लाख करोड़ से अधिक की खरीद।

    2. महिलाओं द्वारा संचालित MSMEs से ₹2.24 लाख करोड़ की खरीद।

    3. GeM का अगला फोकस शहरी स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश में MSMEs की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। सरकार की ओर से भी छोटे और मध्यम उद्यमियों को आर्थिक रूप में मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकारी खरीद के लिए बनाए गए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर देश के MSME सबसे अधिक सामान बेच रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाले GeM पर 45 प्रतिशत खरीदारी MSMEs से होती है।

    ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद

    पिछले दस सालों में GeM पोर्टल पर ₹20 लाख करोड़ से अधिक की सरकारी खरीद हो चुकी है। साल 2016-17 में जेम पोर्टल से मात्र ₹422 करोड़ की खरीदारी हुई थी। पिछले दो वित्त वर्ष से 2024-25 व 2025-26 में GeM पोर्टल से पांच-पांच लाख करोड़ की सरकारी खरीद की गई। इस पोर्टल पर वस्तुओं के साथ सर्विस सेक्टर से जुड़ी सेवाएं हासिल की जाती है। साथ ही सरकार से जुड़ी तमाम खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से की जाती है।

    क्या है GeM को लेकर नया प्लान?

    GeM के CEO मिहिर कुमार ने बताया कि जेम की स्थापना नौ अगस्त 2016 को हुई थी और आगामी 9 अगस्त को जेम अपना दस साल पूरा कर रहा है। इस दस साल में MSME से 9.07 लाख करोड़ की खरीदारी की गई। इनमें से 2.24 लाख करोड़ की खरीदारी महिलाओं द्वारा संचालित MSME से की गई। उन्होंने बताया कि जेम का अगला फोकस शहरी स्थानीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाली खरीदारी पर है।

    जेम को बिल्कुल आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व मशीन लर्निंग (ML) टूल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। कोशिश यह की जा रही है कि बिक्री होने वाले आइटम की साल भर की मांग कितनी रहेगी, इसकी जानकारी जेम से जुड़े विक्रेताओं को मिल जाए। इससे वे मांग के अनुरूप अपना माल तैयार कर सकेंगे।

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    GeM क्या है, इसके कितने फायदे?

    जीईएम (GeM) का पूरा नाम गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस है। यह भारत सरकार का एक ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल है, जिसका उपयोग सभी सरकारी विभागों, मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा आवश्यक सामान और सेवाओं की खरीद के लिए किया जाता है। GeM पर छोटे-बड़े सभी प्रकार के ब्रांड को अपने सामान बेचने का अवसर मिलता है। जेम से जुड़ने से पहले कारोबारी को पंजीयन कराना होता है और फिर वे जेम डैश बोर्ड पर जाकर देख सकते हैं कि वे इस पोर्टल पर क्या-क्या बेच सकते हैं।