GST दरों में बदलाव के 1 साल बाद फिर जीएसटी काउंसिल की बैठक, इस बार लिए जा सकते हैं ये बड़े फैसले
12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होने वाली 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी रजिस्ट्रेशन और कैंसिलेशन प्रक्रिया ...और पढ़ें
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12 सितंबर को GST काउंसिल की 57वीं बैठक
HighLights
12 सितंबर 2026 को 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक।
जीएसटी रजिस्ट्रेशन और कैंसिलेशन प्रक्रिया होगी ऑटोमैटिक।
ई-कॉमर्स कंपनियों और छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| 12 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में GST काउंसिल की 57वीं बैठक होने जा रही है। उससे1 दिन पहले 11 सितंबर को अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसको लेकर गुड्स एंड सर्विस टैक्स से जुड़े कारोबारियों और कंपनियों के लिए राहत भरी खबर आ सकती है। बता दें कि GST काउंसिल की 56वीं बैठक 3-4 सितंबर 2025 को हुई थी। इस बैठक के बाद केंद्र और राज्यों ने GST की दरों और टैक्स स्लैब में बड़े बदलावों का ऐलान किया था। अब 57वीं बैठक से पहले कारोबारी टकटकी लगाए बैठे हैं। काउंसिल बैठक में कंपनी के GST रजिस्ट्रेशन और GST रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने के प्रपोजल पर बातचीत हो सकती है।
ई-कॉमर्स कंपनियों को मिलेगा फायदा?
GST काउंसिल की बैठक में ई-कॉमर्स कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो प्रस्ताव के मुताबिक, जिन कंपनियों का इनपुट टैक्ट क्रेडिट (ITC) हर महीने ₹2.5 लाख तक है और जो अपना कारोबार सिर्फ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म यानि ऑनलाइन पोर्टल या प्लेटफॉर्म के जरिए करती हैं, उनके GST रजिस्ट्रेशन को ऑटोमैटिक रूट के जरिए मंजूरी देने की व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है।
आसान भाषा में समझें तो इन कंपनियों को GST रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी जटिल प्रक्रिया या अतिरिक्त जांच का सामना नहीं करना होगा बल्कि उनका रजिस्ट्रेशन तय मानकों के आधार पर ऑटोमैटिक तरीके से हो सकता है। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर विचार किया गया तो कारोबार बंद करने वाली या अपना GST रजिस्ट्रेशन समाप्त करने वाली छोटी कंपनियों को लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया से कुछ हद तक आराम मिल सकेगा।
GST रजिस्ट्रेशन कैंसिलेशन भी होगा आसान
नए प्रस्ताव में GST रजिस्ट्रेशन को कैंसिल करने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की बात कही गई है। कई कारोबारी इसकी जटिल प्रक्रिया से परेशान रहते हैं। प्रस्ताव के अनुसार, जिन कंपनियों का ITC हर माह ₹2.5 तक है, उनके लिए GST रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की प्रक्रिया को भी ऑटोमैटिक किया जा सकता है। इसका सीधा फायदा छोटी कंपनियों के साथ-साथ उन लोगों को भी होगा जो अपना कारोबार बंद करना चाहते हैं।
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मौजूदा नियमों के मुताबिक अगर कोई छोटा व्यापारी कैंसिलेशन के लिए अप्लाई करता है तो उसे लंबे प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। आवेदन पहले विभाग के पास जाता है जहां विभाग उसमें स्क्रूटनी करता है। इन तमाम प्रक्रिया से गुजरने में लंबा समय लगता है साथ ही इससे कंपनी के लिए एक टैक्स लायबिलिटी भी खड़ी हो जाती है।
