Jagran Badlav Conclave 2026: MSME है उत्तर प्रदेश के विकास की रीढ़, जागरण बिजनेस कॉन्क्लेव में बोले मंत्री भूपेंद्र चौधरी
उत्तर प्रदेश के MSME मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने जागरण बदलाव कॉन्क्लेव में कहा कि MSME राज्य के विकास की रीढ़ है, जिससे लाखों लोग जुड़े हैं। उन्होंने यूप ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के विकास में MSME की भूमिका: भूपेंद्र चौधरी ने जागरण कॉन्क्लेव में बताया
HighLights
MSME उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की रीढ़ है।
राज्य में 90 लाख MSME इकाइयां, 3.5 करोड़ लोग जुड़े।
सुदृढ़ कानून व्यवस्था ने निवेश का माहौल बदला।
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बुधवार, 29 जुलाई को जागरण बिजनेस के सालाना कार्यक्रम 'जागरण बदलाव कॉन्क्लेव 2026' (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की विकास यात्रा, एमएसएमई सेक्टर के भारी योगदान और प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या देश का विकास केवल सरकार के दम पर नहीं होता, बल्कि यह वहां के उद्यमियों, व्यापारियों और आम जनता के सम्मिलित प्रयासों का संगम है।
'जागरण बदलाव कॉन्क्लेव 2026' की शुरुआत जागरण न्यू मीडिया के मैनेजिंग एडिटर अनिल पांडेय ने अपने संबोधन से की। उन्होंने MSME में इस प्रोग्राम में नए विचारों और साझेदारियों का सम्मान करने की बात कही। इसके बाद जागरण बिजनेस, जागरण न्यू मीडिया के सीनियर एडिटर एंड हेड स्कंद विवेक धर ने जागरण इवेंट से MSME को बड़े करोबारी की तरह पहचान दिलाने की बात कही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 90 लाख एमएसएमई (MSME) इकाइयां हैं, जिनसे करीब 3.5 करोड़ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एमएसएमई सेक्टर राज्य के विकास की असली रीढ़ है। आज यूपी से होने वाले कुल निर्यात में आधे से ज्यादा हिस्सेदारी इन्ही छोटे और मध्यम उद्यमियों की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि यूपी आज देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करता हुआ दिखाई दे रहा है। पुराने दिनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "एक समय ऐसा भी था जब निवेशक यूपी में आने से संकोच करते थे और डरते थे। लेकिन, पिछले एक दशक में प्रदेश की सुदृढ़ कानून व्यवस्था और निवेश के अनुकूल वातावरण ने पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है। आज उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाला राज्य बन चुका है।"
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कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा गांवों से होकर गुजरती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर भारत' का जो एजेंडा तय किया था, वह अब पूरा हो रहा है और देश तेजी से 'विकसित भारत' बनने की ओर अग्रसर है।
तकनीक और निर्यात के मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने विशेष रूप से गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों ने आईटी (IT) और निर्यात के क्षेत्र में दुनिया भर में अपना और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
अंत में भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। ऐसे में हमें व्यापार को बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना होगा। हम यूपी के विकास लक्ष्यों के साथ निरंतर आगे बढ़ेंगे, क्योंकि आने वाला कल और भविष्य भारत के विकास का ही है।
जागरण बिजनेस के सालाना कार्यक्रम 'जागरण बदलाव कॉन्क्लेव 2026' (Jagran Badlav Conclave 2026) के 5वें संस्करण में इंडस्ट्री के दिग्गजों ने अपने विचार रखे। इसमें सीए वीरेंद्र जैन ने एमएसएमई के लिए 'कंप्लायंस' को प्रमुख चुनौती बताया और कहा कि SME IPO लाने के लिए कंपनी मुनाफे में और कम से कम एक साल पुरानी होनी चाहिए। अजय ठाकुर ने बताया कि सेबी ने SME आईपीओ के लिए मेनबोर्ड की तुलना में काफी छूट दी है, जिससे कंपनी की क्रेडिबिलिटी और प्रोमोटर्स की वेल्थ में इजाफा होता है। विकास जैन ने कहा कि लिस्टिंग के बाद ही बिजनेस की असली ग्रोथ शुरू होती है और यह बैंक लोन के किश्तों के दबाव से बेहतर विकल्प है।
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