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    SIP Vs Lump Sum: ₹5,000 की SIP या ₹5 लाख का एकमुश्त निवेश, किसमें बनेगा ज्यादा पैसा? समझिए पूरा गणित

    Updated: Tue, 14 Jul 2026 05:03 PM (GMT+05:30)

    SIP Vs Lump Sum: यह लेख म्यूचुअल फंड में ₹5 लाख के एकमुश्त निवेश और ₹5,000 की मासिक SIP के बीच तुलना करता है। यह 15-20 साल की अवधि में दोनों के संभावि ...और पढ़ें

    sip vs lump sum

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    HighLights

    1. ₹5 लाख एकमुश्त निवेश में कितना पैसा बनता है।

    2. ₹5,000 मासिक SIP 20 साल में ₹45-46 लाख

    3. बाजार की स्थिति के अनुसार दोनों के फायदे अलग

    नई दिल्ली: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि एक साथ पैसा लगाएं ( Lump Sum) या हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश (SIP)। आइए आज आपको एक कैलकुलेशन से समझाते हैं कि ₹5 लाख के लंपसम और ₹5,000 की मंथली SIP में बेस्ट क्या है।

    कैसे करें निवेश?

    मान लीजिए एक निवेशक के पास ₹5 लाख हैं। वह इसे एक बार में निवेश कर सकता हैं जिसे Lump Sum कहते हैं, जबकि दूसरा निवेशक ₹5,000 की SIP करता है। SIP में पैसा धीरे-धीरे बाजार में जाता है, जबकि Lump Sum में पूरा पैसा पहले दिन से काम करना शुरू कर देता है।

    कैलकुलेशन समझिए (मान लें 12% सालाना रिटर्न)

    अगर ₹5 लाख Lump Sum निवेश कर रहे हैं तो:
    * निवेश: ₹5,00,000 (एक बार)
    * अवधि: 15-20 साल
    * अनुमानित रिटर्न (12% CAGR):
    तो 15 साल में पैसा लगभग ₹27-30 लाख तक पहुंच सकता है।
    और 20 साल में यही रकम ₹47 लाख+ तक जा सकती है

    वहीं अगर ₹5,000 मासिक SIP कर रहें हैं तो

    * कुल निवेश (15 साल): ₹9 लाख
    * कुल निवेश (20 साल): ₹12 लाख
    तो 15 साल बाद फंड करीब ₹25-27 लाख होता है
    वहीं 20 साल बाद फंड करीब ₹45-46 लाख तक हो जाता है।

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    बता दें कि SIP में पैसा धीरे-धीरे लगता है, इसलिए शुरुआती सालों में compounding कम होता है।

    दोनों में से क्या है बेहतर?

    दोनों स्कीम्स में Compounding का समय तय करता है कि कौन बेहतर है। Lump Sum में पूरी रकम पहले दिन से ही बाजार में लग जाता है और पूरे 10 साल तक उस पर कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है। जबकि SIP में पैसा धीर-धीरे निवेश होता है, इसलिए शुरुआती सालों में पूरी राशि बाजार में नहीं होती और कंपाउंडिंग का असर सीमित रहता है।

    बाजार में उतार-चढ़ाव का असर

    * Lump Sum में पूरा पैसा एक साथ लगने से बाजार गिरने पर बड़ा असर हो सकता है।
    * SIP: धीरे-धीरे निवेश होने से गिरावट में भी फायदा (सस्ती खरीद) मिलता है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, गिरते बाजार में SIP ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, जबकि लगातार चढ़ते बाजार में Lump Sum आगे निकल सकता है।

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