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    FD या Debt Mutual Fund? किस निवेश विकल्प में मिल सकता है बेहतर रिटर्न, जानिए आपके लिए क्या है सही?

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 12:03 PM (IST)

    Fixed Deposit VS Debt Mutual Fund: यह लेख फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेट म्यूचुअल फंड की तुलना करता है, जो बचत के लिए दो लोकप्रिय विकल्प हैं। ...और पढ़ें

    Fixed Deposit VS Debt Mutual Fund (AI-Generated Image)

    Fixed Deposit VS Debt Mutual Fund (AI-Generated Image)

    HighLights

    1. FD में निश्चित रिटर्न, डेट फंड में बाजार आधारित रिटर्न मिलता है।

    2. लिक्विडिटी और टैक्स के मामले में दोनों में महत्वपूर्ण अंतर।

    3. निवेश का चुनाव वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर।

    नई दिल्ली: अगर आप अपनी बचत (Savings) को सुरक्षित रखते हुए अच्छा रिटर्न (Return) कमाना चाहते हैं तो, आपके सामने सबसे आम विकल्प फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और डेट म्यूचुअल फंड (Debt Mutual Funds) होते हैं। दोनों ही निवेश के लिए अपेाकृत सुरक्षित (Relatively Safe) माने जाते हैं, लेकिन इसमें रिटर्न, जोखिम, टैक्स और पैसे निकालने की सुविधा जैसे कई मामलों में अंतर है। इसलिए निवेश करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन-सा विकल्प बेहतर रहेगा।

    Fixed Deposit(FD)

    एफडी में निवेश करने पर बैंक शुरुआत में ही एक तय ब्याज (Interest) दर देता है। यानी निवेश की अवधि पूरी होने तक आपको पता रहता है कि मैच्योरिटी (Maturity) पर कितना पैसा मिलगा। यही वजह है कि जिन लोगों को बिना जोखिम के निश्चित रिटर्न चाहिए, उनके लिए FD एक भरोसेमंद विकल्प माना जाता है।

    Debt Mutual Fund

    वहीं डेट म्यूचुअल फंड सरकारी बॉन्ड (Government Bond) , कॉरपोरेट बॉन्ड (Corporate Bond) और अन्य डेट सिक्योरिटीज में निवेश करते हैं। इनका रिटर्न पहले से तय नहीं होता और यह बाजार में ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के अनुसार बदल सकता है। हालांकि सही परिस्थतियों में डेट फंड FD से बेहतर रिटर्न भी दे सकता है।

    बड़ा अंतर?

    1. लिक्विडिटी (Liquidity) यानी जरूरत पड़ने पर पैसा निकालने के मामले में भी दोनों में अंतर है। FD को समय से पहले तोड़ा जा सकता है, लेकिन ऐसा करने पर बैंक आमतौर पर पेनल्टी काटता है और ब्याज भी कम मिल सकता है।

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    दूसरी ओर, अधिकांश डेट म्यूचुअल फंड से पैसा अपेक्षाकृत आसानी से निकाला जा सकता है। हालांकि कुछ योजनाओं में शुरुआती समय तक पैसा निकालने पर एग्जिट लोड लग सकता है।

    2. टैक्स के मामले में भी निवेशकों को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। FD से मिलने वाला ब्याज आपकी कुल आय में जुड़ता है और उसी के अनुसार टैक्स देना होता है।


    वहीं, 1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदे गए डेट म्यूचुअल फंड पर होने वाला लाभ भी निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स के दायरे में आता है। इसलिए टैक्स के लिहाज से अब दोनों विकल्पों में पहले जैसा बड़ा अंतर नहीं रह गया है।

    आपके लिए क्या है बेहतर?

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूंजी की सुरक्षा और तय रिटर्न है, तो FD बेहतर विकल्प हो सकता है। लेकिन यदि आप थोड़ा बाजार जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, बेहतर रिटर्न की संभावना चाहते हैं और निवेश की अवधि के अनुसार सही डेट फंड चुनते हैं, तो डेट म्यूचुअल फंड भी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। निवेश का फैसला हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।

    डिस्क्लेमर: यह खबर सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें। 

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