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    ITR भरते समय न करें ये गलती! Section 44ADA से सीधे 50% इनकम पर बच सकता है टैक्स; झट से जानें नियम

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 04:56 PM (IST)

    ITR Rule 2026: फ्रीलांसरों और पेशेवरों के लिए आयकर अधिनियम की धारा 44ADA एक बड़ा टैक्स बचत अवसर प्रदान करती है। इसके तहत वे अपनी कुल पेशेवर आय का केवल ...और पढ़ें

    क्या हैं ये नियम?

    क्या हैं ये नियम?

    HighLights

    1. कैसे बचाएं 50% आय पर टैक्स बचाएं?

    2. डॉक्टर, वकील, फ्रीलांसर जैसे पेशेवरों को मिलता है लाभ।

    3. खर्चों का हिसाब दिए बिना टैक्स में छूट पाएं।

    नई दिल्ली: अगर आप फ्रीलांसर हैं या डॉक्टर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट, इंजिनियर या किसी अन्य प्रोफेशनल सर्विस से कमाई (Income) करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) का Section 44ADA आपके लिए टैक्स बचाने (Tax Saving) का बड़ा मौका हो सकता है। इस प्रावधान के तहत योग्य प्रोफेशनल्स अपनी कुल प्रोफेशनल कमाई का सिर्फ 50% हिस्सा टैक्सेबल इनकम मान सकते हैं। यानी बाकी 50% को खर्च (Expenses) मान लिया जाता है और उसके लिए अलग-अलग बिल या रिकॉर्ड दिखाने की जरूरत नहीं होती।

    किन लोगों को मिलता है Section 44ADA का फायदा?

    यह सुविधा उन रेजिडेंट प्रोफेशनल्स के लिए है जो अधिसूचित (Specified) प्रोफेशन में काम करते हैं। इनमें डॉक्टर (Doctor), वकील (Lawyer), इंजीनियर (Engineer), आर्किटेक्ट (Architect), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), इंटीरियर डेकोरेटर (Interior Designer), टेक्निकल कंसल्टेंट (Technical Consultant) समेत कई प्रोफेशनल्स शामिल हैं। कई मामलों में योग्य फ्रीलांसर (Freelancer) भी इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं, बशर्ते वे नियमों के दायरे में आते हों।

    कैसे काम करती है यह स्कीम?

    मान लीजिए किसी प्रोफेशनल की सालाना प्रोफेशनल रिसीट 40 लाख रुपये है। Section 44ADA चुनने पर उसे सिर्फ 20 लाख रुपये को अपनी टैक्सेबल प्रोफेशनल इनकम (Taxable Income) मानना होगा। बाकी 20 लाख रुपये को खर्च माना जाएगा और उसके लिए अलग से खर्च का हिसाब देने की जरूरत नहीं होगी।


    किसे मिल सकती है यह सुविधा?

    * रेजिडेंट प्रोफेशनल्स के लिए लागू।
    * प्रोफेशनल ग्रॉस रिसीट (Professional gross Limit) तय सीमा के भीतर होनी चाहिए।
    * वर्तमान नियमों के अनुसार यदि 95% या उससे अधिक प्राप्तियां डिजिटल माध्यम से हैं तो यह सीमा 75 लाख रुपये तक हो सकती है, अन्य मामलों में सामान्य सीमा 50 लाख रुपये रहती है।

    खबरें और भी

    एडवांस टैक्स का नियम

    Section 44ADA चुनने वाले प्रोफेशनल्स को एडवांस टैक्स (Advance Tax) का भुगतान भी करना होता है। नियमों के मुताबिक पूरा एडवांस टैक्स 15 मार्च तक जमा करना होता है, अन्यथा ब्याज (Interest) देना पड़ सकता है।

    किस ITR फॉर्म से करें फाइलिंग?

    जो प्रोफेशनल Section 44ADA की प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनते हैं, वे सामान्यतः ITR-4 (Sugam) के जरिए रिटर्न (ITR Filling) दाखिल कर सकते हैं, यदि वे इस फॉर्म की पात्रता शर्तें पूरी करते हों।

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