रेपो रेट बढ़ने के बावजूद EMI नहीं बढ़ेगी! 65 महीने तक फिक्स रहेगा होम लोन इंटरेस्ट रेट, इस स्कीम से बचेंगे लाखों
भारतीय बैंक 'हाइब्रिड होम लोन' स्कीम दे रहे हैं, जिसमें रेपो रेट बढ़ने पर भी EMI नहीं बढ़ती। इस स्कीम के तहत ग्राहक 65 महीने तक अपनी ब्याज दर फिक्स कर ...और पढ़ें

हाइब्रिड होम लोन स्कीम से 65 महीने तक फिक्स रहेगी आपकी EMI लाखों की बचत संभव
HighLights
रेपो रेट बढ़ने पर भी EMI नहीं बढ़ेगी।
ब्याज दर 65 महीने तक फिक्स रखने का विकल्प।
इस स्कीम से लाखों रुपये की बचत संभव।
नई दिल्ली| हम आपको आज घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए बड़ी राहत वाली स्कीम के बारे में बता रहे हैं। HDFC से लेकर SBI बैंक तक अपने ग्राहकों को एक खास 'हाइब्रिड होम लोन' स्कीम की सुविधा देते हैं। इस स्कीम की मुख्य खासियत यह होती है कि अगर रिजर्व बैंक (RBI) रेपो रेट बढ़ाता भी है, तो भी ग्राहकों की EMI पर कोई असर नहीं पड़ता है।
क्या है ये स्कीम?
हाइब्रिड होम लोन शुरुआती सालों में ग्राहकों को आर्थिक अनिश्चितता से बचाने के लिए बनाया गया है। इस स्कीम के तहत, ग्राहक 65 महीने (लगभग 5.5 साल) तक की अवधि के लिए अपने होम लोन की ब्याज दर को 'लॉक' कर सकते हैं।
घर के मालिक बनने के शुरुआती सालों में परिवारों पर इंटीरियर, बच्चों की पढ़ाई और बचत की दूसरी ज़रूरतों का आर्थिक बोझ होता है। ऐसे में, एक स्थिर EMI ग्राहकों को अपने फाइनेंस की बेहतर योजना बनाने में मदद करती है।
हाइब्रिड होम लोन में ब्याज दर के तीन विकल्प
कई बैंक ग्राहकों को फिक्स्ड-रेट टेन्योर (निश्चित ब्याज दर वाली अवधि) के लिए तीन विकल्प देते हैं।
- 39 महीने
- 52 महीने
- 65 महीने
चुनी गई अवधि के दौरान, ग्राहक की ब्याज दर और EMI फिक्स्ड रहेगी, चाहे मार्केट में ब्याज दरें या रेपो रेट बढ़ें। अभी, ज्यादातर भारतीय बैंक औसतन 8.40% से 9.50% तक हर सालाना दर पर हाउसिंग लोन देते हैं।
लाखों रुपयों की कैसे होगी बचत
एक उदाहरण के तौर पर देखें तो अगर कोई ग्राहक ₹1 करोड़ का होम लोन लेता है और भविष्य में ब्याज दरें अपने हालिया उच्चतम स्तर तक बढ़ जाती हैं, तो वह इस हाइब्रिड स्कीम के ज़रिए ₹3.46 लाख तक की बचत कर सकता है।
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टेन्योर खत्म होने के बाद क्या होगा?
चुनी गई तय अवधि जैसे, 65 महीने खत्म होने के बाद, लोन अपने-आप फ्लोटिंग-रेट स्ट्रक्चर में बदल जाएगा। यह रेट रेपो रेट और बैंक द्वारा तय किए गए स्प्रेड पर आधारित होगा। इसकी जानकारी लोन मंजूर करते समय दी जाएगी।