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    ITR Deadline Alert: 31 जुलाई को फाइलिंग से चूके तो सिर्फ जुर्माना नहीं, होंगे ये 5 बड़े नुकसान! जानिए पूरी डिटेल

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 04:19 PM (IST)

    ITR Disadvantages: 31 जुलाई तक ITR फाइल न करने पर सिर्फ लेट फीस ही नहीं, बल्कि कई बड़े वित्तीय नुकसान हो सकते हैं। ...और पढ़ें

    आईटीआर 31 जुलाई से पहले भरें वरना!

    आईटीआर 31 जुलाई से पहले भरें वरना!

    HighLights

    1. देरी से ITR फाइल करने पर 5000 रुपये तक लेट फीस।

    2. बकाया टैक्स पर 1% मासिक ब्याज का अतिरिक्त बोझ।

    3. पूंजीगत नुकसान को अगले साल कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे।

    नई दिल्ली: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। कई करदाताओं (Taxpayers) को लगता है कि अगर वे डेडलाइन तक ITR फाइल नहीं कर पाए, तो उन्हें बस लेट फीस (Late Fee) या जुर्माना देना होगा और काम हो जाएगा। लेकिन, हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। 31 जुलाई की डेडलाइन (ITR Deadline) मिस करने का मतलब सिर्फ जुर्माना भरना नहीं है, बल्कि आपको कई अन्य वित्तीय नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं।

    आइए विस्तार से समझते हैं कि डेडलाइन मिस करने से आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं:

    1. लेट फीस का सीधा झटका

    इनकम टैक्स के सेक्शन 234F के तहत, अगर आप 31 जुलाई के बाद यानी बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) फाइल करते हैं, तो आपको 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी होगी। हालांकि, अगर आपकी कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से कम है, तो यह जुर्माना अधिकतम 1,000 रुपये होता है।

    2. बकाया टैक्स पर 1% ब्याज

    अगर आपका कोई टैक्स बकाया (tax liablity) बनता है, और आप 31 जुलाई तक ITR नहीं भरते हैं, तो 234A के तहत आपको हर महीने 1% का ब्याज देना होगा। यह ब्याज 1 अगस्त से शुरू होकर उस दिन तक कैलकुलेट होगा, जिस दिन आप अपना ITR फाइल करेंगे।

    3. नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे?

    यह एक बहुत बड़ा नुकसान है जो शेयर बाजार के निवेशकों या कारोबारियों को झेलना पड़ सकता है। अगर आप तय समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आप शेयर बाजार (Capital Gains), बिजनेस या प्रोफेशन में हुए अपने नुकसान को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड (Carry Forward) नहीं कर सकते।

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    4. रिफंड के ब्याज का नुकसान

    अगर आप टीडीएस (TDS) ज्यादा कटा है और आप रिफंड के हकदार हैं, तो इनकम आपको उस रिफंड पर ब्याज Section 244A के तहत देता है। लेकिन अगर आप ITR भरने में (ITR filling Delayed) देरी करते हैं, तो आपको देरी वाले महीनों का ब्याज नहीं मिलेगा।

    5. पुरानी टैक्स रिजीम चुनने का विकल्प छिन जाना

    नए नियमों के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) अब डिफॉल्ट व्यवस्था है। अगर आप 31 जुलाई तक अपना ITR फाइल नहीं करते हैं और पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत 80C, 80D, या HRA जैसी छूट का फायदा उठाना चाहते हैं, तो बिलेटेड रिटर्न दाखिल करते समय आप पुरानी रिजीम का चुनाव नहीं कर पाएंगे।

    31 जुलाई की डेडलाइन केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि आपके पैसे बचाने का एक मौका है। अंतिम समय की तकनीकी गड़बड़ियों और भारी आर्थिक नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपना ITR फाइल करें

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