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    SCSS vs MIS Calculation: टैक्स में छूट और हर महीने कमाई, कैलकुलेशन से समझिए कौन सी सरकारी स्कीम बनाएगी बड़ा फंड!

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 01:32 PM (GMT+05:30)

    यह लेख वरिष्ठ नागरिकों के लिए दो सरकारी निवेश योजनाओं, SCSS और MIS की तुलना करता है। यह बताता है कि ₹5 लाख के निवेश पर SCSS में अधिक ब्याज और टैक्स छू ...और पढ़ें

    SCSS vs MIS Calculation: टैक्स में छूट और हर महीने कमाई, कैलकुलेशन से समझिए कौन सी सरकारी स्कीम बनाएगी बड़ा फंड!

    SCSS vs MIS Calculation: टैक्स में छूट और हर महीने कमाई, कैलकुलेशन से समझिए कौन सी सरकारी स्कीम बनाएगी बड़ा फंड!

    HighLights

    1. SCSS में 8.2% ब्याज और ₹1.5 लाख तक टैक्स छूट।

    2. MIS में 7.4% ब्याज और हर महीने आय का विकल्प।

    3. ₹5 लाख निवेश पर SCSS में अधिक कुल लाभ।

    नई दिल्ली। शेयर मार्केट से दूर रहने वाले लोग अक्सर निवेश के लिए एक सुरक्षित ऑप्शन की खोज में रहते हैं। साथ ही रिटायरमेंट के बाद जब हाथ में एक मुश्त रकम होती है, तो लोग उसे किसी सेफ जगह पर निवेश करने के बारे में ही सोचते हैं। ऐसे में अगर आप भी रिटायरमेंट ले चुके हैं, या फिर आपके घर में कोई रिटायर होने वाला है, तो ये खबर आपके लिए है।

    सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए दो खास स्कीम चलाती है, जिनका नाम है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और मंथली इनकम स्कीम (MIS)। यूं तो ये दोनों ही सरकार की योजनाएं हैं और इनमें आपका पैसा 100% सुरक्षित रहता है, लेकिन ब्याज दर, टैक्स छूट और पैसे मिलने के तरीके के मामले में ये दोनों एक-दूसरे से काफी अलग हैं। आइए आपको बताते हैं कि अगर आप इनमें ₹5 लाख का निवेश करेंगे, तो आपका कहां ज्यादा फायदा हो सकती है?

    कहां मिल रही ज्यादा ब्याज दर?

    सरकार हर तिमाही में सरकारी स्कीम्स की ब्याज दरों में बदलाव करती है। ऐसे में जुलाई से सितंबर 2026 के लिए SCSS पर 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है, वहीं MIS पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है। SCSS की मैच्योरिटी 5 साल होती है और इस स्कीम में हर तीन महीने में ब्याजा मिलता है। वहीं MIS की मैच्योरिटी भी 5 साल है, लेकिन यहां आपको 3 महीने नहीं, बल्कि हर महीने ब्याज मिलता है।

    कैलकुलेशन क्या कहता है?

      सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)
    पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS)
    कुल निवेश ₹5,00,000 ₹5,00,000
    ब्याज दर (सालाना) 8.20% 7.40%
    कुल ब्याज ₹2,05,000 ₹1,85,000
    टोटल अमाउंट ₹7,05,000 ₹6,85,000


    किसमें है ज्यादा फायदा?

    कैलकुलेशन से साफ है कि ₹5 लाख के निवेश पर SCSS में आपको लगभग ₹2,05,000 का ब्याज मिलेगा, जबकि MIS में यह रकम करीब ₹1,85,000 होगी। यानी SCSS में आपको हर साल लगभग ₹4,000 का सीधा फायदा ज्यादा मिल रहा है।

    कौन सी स्कीम में ज्यादा नियम?

    अगर आप इन दोनों सरकारी स्कीम्स में निवेश का मन बना रहे हैं, तो इनके नियमों को समझना बेहद जरूरी है। एक तरफ सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) खास तौर पर बुजुर्गों के लिए है, जिसमें आप कम से कम ₹1,000 और अधिकतम ₹30 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। इस स्कीम की एक खासियत ये है कि पति-पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं, या पात्रता होने पर दोनों अलग-अलग अपने नाम से ₹30-₹30 लाख तक का निवेश कर सकते हैं। साथ ही, पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत इसमें ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट (धारा 80C) भी मिलती है, हालांकि मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।

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    दूसरी तरफ, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) उन लोगों के लिए बेस्ट है जो हर महीने निश्चित कमाई चाहते हैं। इस स्कीम में कोई भी अकेला व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख रुपये तक जमा कर सकता है। इस स्कीम में निवेश करने पर किसी तरह के टैक्स की छूट नहीं मिलती है और हर महीने मिलने वाला ब्याज, टैक्स के दायरे में आता है।

    आपके लिए कौन सी स्कीम बेहतर है?

    अगर आपकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है और आपका मकसद ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कमाना है, तो SCSS आपके लिए सबसे बेस्ट है क्योंकि यहां ब्याज दर (8.2%) ज्यादा है। लेकिन अगर आपकी उम्र 60 से कम है या फिर आपको हर तीन महीने के बजाय हर महीने पैसे की जरूरत है, तो आप पोस्ट ऑफिस MIS का रुख कर सकते हैं।

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