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    पॉकेट मनी बचाने का बेस्ट तरीका: ये 5 बैंक दे रहे बच्चों के लिए 'जीरो बैलेंस' खाते की सुविधा! मिलेंगी बेहद खास सुविधाएं

    Updated: Sun, 24 May 2026 04:08 PM (GMT+05:30)

    आजकल माता-पिता बच्चों को कम उम्र से ही पैसों की अहमियत और बचत सिखाना चाहते हैं, जिसके लिए कई बैंक जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं। ये ख ...और पढ़ें

    बच्चों को सिखाएं बचत की आदत

    बच्चों को सिखाएं बचत की आदत

    HighLights

    1. बच्चों को छोटी उम्र से बचत सिखाएं

    2. कई बैंक जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट सुविधा दे रहे

    3. पैरेंटल कंट्रोल, डेबिट कार्ड, डिजिटल बैंकिंग जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी

    आईएएनएस, नई दिल्ली। आज के समय में माता-पिता बच्चों को छोटी उम्र से ही पैसों की अहमियत और बचत की आदत सिखाना चाहते हैं। इसी जरूरत को देखते हुए देश के कई बड़े बैंक बच्चों और किशोरों के लिए खास जीरो बैलेंस सेविंग अकाउंट की सुविधा दे रहे हैं। इन खातों के जरिए बच्चे न सिर्फ अपनी पॉकेट मनी सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय अनुशासन की शुरुआती समझ भी विकसित कर सकते हैं।

    इन अकाउंट्स में पैरेंटल कंट्रोल, डेबिट कार्ड, मोबाइल बैंकिंग और खर्च की सीमा जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, जिससे अभिभावक बच्चों की वित्तीय गतिविधियों पर नजर भी रख सकते हैं। माता-पिता बच्चों के लिए इन खातों में पॉकेट मनी, रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट या पुरस्कार राशि जमा कर सकते हैं।

    कोटक महिंद्रा बैंक

    कोटक महिंद्रा बैंक बच्चों के लिए 'कोटक माय जूनियर अकाउंट' की सुविधा देता है। यह अकाउंट 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाया गया है और इसमें न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती। बच्चों को पर्सनलाइज्ड जूनियर डेबिट कार्ड मिलता है, जिसमें एटीएम से निकासी की सीमा तय रहती है।

    इस खाते पर बचत राशि पर ब्याज भी मिलता है। साथ ही, बच्चों के लिए शॉपिंग, फूड और एजुकेशन से जुड़े कई खास ऑफर्स भी दिए जाते हैं। यह अकाउंट भारतीय निवासी बच्चों के लिए उपलब्ध है, जबकि अभिभावक भारतीय या एनआरआई दोनों हो सकते हैं।

    खबरें और भी

    बैंक ऑफ बड़ौदा

    बैंक ऑफ बड़ौदा का 'बड़ौदा चैंप अकाउंट' भी बच्चों के लिए लोकप्रिय विकल्प माना जा रहा है। यह अकाउंट 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए उपलब्ध है और इसमें जीरो बैलेंस की सुविधा मिलती है।

    इस खाते में स्कूल फीस भुगतान पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता और फीस जमा करने के लिए हर महीने एक फ्री डिमांड ड्राफ्ट की सुविधा भी मिलती है। 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों को थीम-आधारित रुपे डेबिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग की सुविधा दी जाती है। इस खाते में अधिकतम 1 लाख रुपए तक की राशि रखी जा सकती है।

    इंडसइंड बैंक

    इंडसइंड बैंक बच्चों में बचत की आदत विकसित करने के लिए 'इंडस यंग सेवर अकाउंट' ऑफर करता है। यह अकाउंट 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए उपलब्ध है। बच्चा स्वयं या अभिभावक की निगरानी में यह खाता संचालित कर सकता है।

    इस खाते के साथ कस्टमाइज्ड डेबिट कार्ड, ऑनलाइन शॉपिंग सुविधा और पर्सनलाइज्ड चेकबुक जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। बैंक का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही पैसों के प्रबंधन की समझ देना है।

    एचडीएफसी बैंक

    इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक का 'किड्स एडवांटेज अकाउंट' भी बच्चों के लिए आकर्षक बैंकिंग विकल्पों में शामिल है, जिसमें पैरेंटल कंट्रोल के साथ डेबिट कार्ड और चेकबुक की सुविधा मिलती है। अभिभावक बच्चों के खर्च की दैनिक सीमा तय कर सकते हैं और ट्रांजैक्शन को ट्रैक भी कर सकते हैं।

    इस खाते के जरिए एटीएम निकासी, एसएमएस अलर्ट, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इसके अलावा, बैंक शिक्षा बीमा कवर भी प्रदान करता है, जिससे किसी दुर्घटना की स्थिति में बच्चे की पढ़ाई प्रभावित न हो।

    आईडीबीआई बैंक

    आईडीबीआई बैंक का 'किड्स सेविंग अकाउंट' भी बच्चों के लिए एक बेहतरीन विकल्प के रूप में जाना जाता है, जिसमें बैंक बच्चों के लिए विशेष सेविंग अकाउंट की सुविधा देता है। इस खाते में बच्चों को विशेष डिजाइन वाला एटीएम कार्ड, चेकबुक और अन्य बैंकिंग सुविधाएं दी जाती हैं।

    हालांकि इस खाते में न्यूनतम औसत बैलेंस की शर्त लागू होती है, लेकिन बच्चों के लिए बैंकिंग और बचत की शुरुआती समझ विकसित करने के लिहाज से इसे उपयोगी माना जा रहा है। इसमें एटीएम निकासी की सीमा भी तय रहती है ताकि खर्च पर नियंत्रण बना रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को छोटी उम्र से बैंकिंग और बचत की आदत सिखाना भविष्य में उन्हें आर्थिक रूप से जिम्मेदार बनाने में मदद करता है। डिजिटल दौर में ऐसे सेविंग अकाउंट बच्चों को सुरक्षित तरीके से पैसों का इस्तेमाल और प्रबंधन सीखने का अवसर दे रहे हैं।

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