अनिल अग्रवाल की Vedanta के डीमर्जर को मिली बड़ी कामयाबी, सरकार ने ऑयल एंड गैस बिजनेस के ट्रांसफर को दी मंजूरी
अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, जिसमें वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड को ...और पढ़ें

वेदांता ऑयल एंड गैस को पेट्रोलियम मंत्रालय से NOC मिली।
HighLights
वेदांता ऑयल एंड गैस को पेट्रोलियम मंत्रालय से NOC मिली।
तेल और गैस ब्लॉकों के हस्तांतरण को मिली मंजूरी।
डीमर्जर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति, स्वतंत्र पहचान मिलेगी।
नई दिल्ली। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांता लिमिटेड के डीमर्जर (Vedanta Demerger) की प्रक्रिया में एक बड़ी और महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (जिसे पहले माल्को एनर्जी लिमिटेड के नाम से जाना जाता था) को भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) से 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (NOC) मिल गया है।
यह मंजूरी कंपनी के तेल और गैस ब्लॉकों में 'पार्टिसिपेटिंग इंटरेस्ट' और 'ऑपरेटरशिप' के हस्तांतरण (Transfer) के लिए दी गई है। यह कदम वेदांता लिमिटेड के बड़े डीमर्जर प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी अपने विभिन्न व्यवसायों को अलग-अलग संस्थाओं में विभाजित कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
वेदांता लिमिटेड ने शेयर बाजारों (BSE और NSE) को सूचित किया है कि मंत्रालय ने 1 मई, 2026 से प्रभावी डीमर्जर योजना के तहत तेल और गैस संपत्तियों के हस्तांतरण पर अपनी सहमति दे दी है। इस योजना के तहत वेदांता लिमिटेड (डिमेरज्ड कंपनी) से तेल और गैस का कारोबार अब 'वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड' को सौंप दिया गया है।
मंजूरी के साथ जुड़ी शर्तें
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यह मंजूरी कुछ अनिवार्य शर्तों के साथ दी गई है:
देनदारियां: वेदांता लिमिटेड की मौजूदा अन्वेषण और उत्पादन अनुबंधों (PSC/RSC/CBM) से जुड़ी सभी लंबित देनदारियां अब नई इकाई यानी वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड की जिम्मेदारी होंगी।
ब्लॉक CB-OS/2: रिपोर्ट में विशेष रूप से ब्लॉक CB-OS/2 का उल्लेख किया गया है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय ने वेदांता की उस याचिका को खारिज कर दिया है जो PSC के विस्तार से संबंधित थी।
बैंक गारंटी: नई इकाई को संबंधित अनुबंधों के लिए नई बैंक गारंटी जमा करनी होगी।
सरकारी बकाया: कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकार का कोई भी बकाया लंबित न रहे।
Vedanta Demerger का प्रभाव
इस मंजूरी के बाद वेदांता के तेल और गैस पोर्टफोलियो को एक स्वतंत्र पहचान मिलेगी। कंपनी को अब समयबद्ध तरीके से आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) के पास नाम परिवर्तन और डीमर्जर के दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है।
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