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    JSW Steel की तीन कंपनियों का आज से खत्म हुआ वजूद, NCLT ने भी लगा दी मुहर; अब क्या होगा?

    By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 03:34 PM (IST)

    JSW स्टील ने अपनी तीन पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों का विलय सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह विलय 1 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो गया है, जिसका उद्दे ...और पढ़ें

    जेएसडब्ल्यू स्टील ने तीन सहायक कंपनियों का विलय किया।

    जेएसडब्ल्यू स्टील ने तीन सहायक कंपनियों का विलय किया।

    HighLights

    1. जेएसडब्ल्यू स्टील ने तीन सहायक कंपनियों का विलय किया।

    2. एनसीएलटी मुंबई बेंच ने विलय योजना को मंजूरी दी।

    3. विलय 1 अगस्त, 2026 से प्रभावी, दक्षता बढ़ाएगा।

    नई दिल्ली। भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील की तीन सहायक कंपनियों का वजूद खत्म हो चुका है। दरअसल, JSW Steel Limited ने अपनी तीन पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय (Merger) की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह विलय 1 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो गया है।

    JSW स्टील ने बताया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच ने 2 जुलाई, 2026 को इस विलय योजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद 15 जुलाई, 2026 को एक संशोधित आदेश जारी किया गया। कंपनी ने इन आदेशों की प्रमाणित प्रतियों को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC), मुंबई के पास दाखिल कर दिया है।

    JSW की किन तीन कंपनियों का वजूद खत्म हुआ

    JSW स्टील में जिन तीन कंपनियों का विलय हुआ है, उनमें शामिल हैं:

    अंबा रिवर कोक लिमिटेड (Amba River Coke Limited - ARCL)
    मोनेट सीमेंट लिमिटेड (Monnet Cement Limited - MCL)
    JSW रिटेल एंड डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (JSW Retail and Distribution Limited - JRDL)

    JSW ने क्यों किया अपनी तीन सहायक कंपनियों का विलय

    इस विलय योजना के लिए नियुक्त तिथि 1 अप्रैल, 2026 तय की गई है, जबकि यह 1 अगस्त, 2026 से पूरी तरह प्रभावी हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस एकीकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाना और परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) को बढ़ाना है।

    संसाधनों का साझा उपयोग: तकनीकी संसाधनों, कर्मियों और विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग।

    लागत में कमी: प्रशासनिक और परिचालन लागत को कम करना।

    सरल कॉर्पोरेट ढांचा: कानूनी संस्थाओं की संख्या कम होने से अनुपालन (Compliance) का बोझ कम होगा।

    वित्तीय सुदृढ़ता: ग्रुप स्तर पर वित्तीय विवरणों के समेकन में आसानी।

    शेयरधारकों पर क्या होगा असर?

    चूंकि अंबा रिवर कोक, मोनेट सीमेंट और JSW रिटेल तीनों ही JSW स्टील की पूर्ण स्वामित्व वाली (Wholly-owned) सहायक कंपनियां थीं, इसलिए इस विलय के बदले में कोई भी नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। विलय प्रभावी होने के साथ ही इन सहायक कंपनियों के शेयर प्रमाणपत्र रद्द माने जाएंगे और ये कंपनियां बिना परिसमापन (Winding up) के भंग हो गई हैं।

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    नोट - इस खबर को लिखने में AI की मदद ली गई है।

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    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)