AI और सेमीकंडक्टर का 'Bubble' फूटा! KOSPI क्रैश, सैमसंग और SK Hynix के शेयर धड़ाम
AI और सेमीकंडक्टर सेक्टर में 'बबल' फटने के डर से KOSPI इंडेक्स 10% गिर गया, जिससे SK Hynix और Samsung Electronics के शेयर धड़ाम हुए। वैश्विक बाजारों म ...और पढ़ें

KOSPI क्रैश, सैमसंग और SK Hynix के शेयर धड़ाम (AI फोटो)

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नई दिल्ली। ग्लोबल स्टॉक मार्केट से चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर सेक्टर में ज़बरदस्त उछाल के बाद, 'बबल' के फटने का डर बढ़ गया है। 23 जून को, दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क KOSPI इंडेक्स में 8% की भारी गिरावट आई, जिससे सर्किट ब्रेकर लग गया और 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई। सर्किट ब्रेकर हटने के बाद भी मार्केट संभल नहीं पाया; KOSPI 10% गिरकर 8,203.84 के नए निचले स्तर पर आ गया।
दिग्गज टेक कंपनियों के शेयर औंधे मुंह गिरे
इस ऐतिहासिक गिरावट की मुख्य वजह चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों की भारी बिकवाली थी। इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी SK Hynix के शेयरों में इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 10% से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि Samsung Electronics के शेयर 7.5% गिर गए। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने दोपहर तक KOSPI से 4 ट्रिलियन वॉन ($2.6 बिलियन) से ज़्यादा के शेयर बेच दिए थे। मार्केट एनालिस्ट का मानना है कि हालिया रिकॉर्ड तेज़ी के बाद विदेशी निवेशकों पर मुनाफ़ा कमाने का काफ़ी दबाव था।
दुनिया भर के बाजारों में मची खलबली
अमेरिकी बाज़ार में बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर एशिया के बाज़ारों पर भी दिखा। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 3% तक गिर गया, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग और चीन के प्रमुख इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल बेचने के लिए 60 दिन की छूट दिए जाने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें 78 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिज़र्व के सख्त रुख अपनाने की आशंकाओं ने भी निवेशकों को परेशान किया है।
क्या है भारत पर असर?
इस ग्लोबल मंदी का सीधा असर भारतीय बाज़ारों पर भी पड़ सकता है। हालाँकि इस रिपोर्ट में भारत के लिए कोई खास डेटा नहीं है, लेकिन ग्लोबल टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में बड़ी गिरावट का आम तौर पर भारतीय IT और टेक सेक्टर के सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, एशियाई बाज़ारों से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा बड़े पैमाने पर फंड निकालने से भारतीय शेयर बाज़ार (निफ्टी/सेंसेक्स) में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। वैश्विक आर्थिक मंदी के इस माहौल में, भारतीय निवेशकों को फिलहाल सावधानी बरतने की ज़रूरत है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)