Mazagon Dock की बड़ी छलांग: डिफेंस के बाद अब पावर सेक्टर में जलवा, मिला करोड़ों का AI प्रोजेक्ट
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MSETCL) से लगभग 118 करोड़ रुपये का AI-आधारित सुरक्षा प्रोजेक्ट ...और पढ़ें

मझगांव डॉक को MSETCL से मिला AI प्रोजेक्ट।
HighLights
मझगांव डॉक को MSETCL से मिला AI प्रोजेक्ट।
महाराष्ट्र के 5 सब-स्टेशनों में AI सुरक्षा स्थापित होगी।
लगभग 118 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट 24 महीने में पूरा होगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders) ने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (MSETCL) से एक महत्वपूर्ण वर्क ऑर्डर प्राप्त हुआ है। शुक्रवार को मझगांव डॉक के शेयर (Mazagon Dock Share Price) 0.04% की बढ़ोतरी के साथ 2475 रुपये के स्तर पर बंद हुए।
मझगांव डॉक को यह ऑर्डर 'AI आधारित व्यापक इंफ्रासिक्योर प्रोजेक्ट' (AI based Comprehensive Infrasecure Project) के लिए मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी महाराष्ट्र के 5 बिजली सब-स्टेशनों (Substations) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की आपूर्ति, स्थापना और कमीशनिंग का कार्य करेगी।
118 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 117,99,71,564.90 रुपये (लगभग 118 करोड़ रुपये) है। इस राशि में 18% की दर से जीएसटी (GST) और अन्य शुल्क भी शामिल हैं। कंपनी को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 24 महीने का समय दिया गया है।
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने कहा कि इस ऑर्डर में पांच सब-स्टेशनों के लिए AI-बेस्ड 'कॉम्प्रिहेंसिव इन्फ्रासिक्योर प्रोजेक्ट' की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग शामिल है।
क्या करती है मझगांव डॉक?
मझगांव डॉक मुख्य रूप से युद्धपोत और पनडुब्बी निर्माण के लिए जानी जाती है। हालांकि, MSETCL से मिला यह नया ऑर्डर दर्शाता है कि कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे नए क्षेत्रों में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। 24 महीने की समय सीमा के भीतर इस प्रोजेक्ट का पूरा होना कंपनी की ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ के लिए सकारात्मक संकेत है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस कॉन्ट्रैक्ट में प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कोई हिस्सेदारी नहीं है और न ही यह 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' के दायरे में आता है। यह पूरी तरह से एक स्वतंत्र व्यावसायिक अनुबंध है।
कैसे थे कंपनी के तिमाही नतीजे
मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही के ₹452.2 करोड़ के मुकाबले 21.5% बढ़कर ₹549.4 करोड़ हो गया। तिमाही के लिए रेवेन्यू एक साल पहले के ₹2,626 करोड़ से 12.1% बढ़कर ₹2,943 करोड़ हो गया, जो इसके शिपबिल्डिंग प्रोग्राम्स में लगातार हो रहे काम को दिखाता है।
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