40% टूटा शेयर... फिर भी Mukul Agrawal ने बढ़ा दिया दांव! रेखा झुनझुनवाला का भी है निवेश
शेयर बाजार में 50% की गिरावट के बावजूद दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने रियल एस्टेट कंपनी Valor Estates में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि रेखा झुनझुनवा ...और पढ़ें

Valor Estates
HighLights
मुकुल अग्रवाल ने Valor Estates में हिस्सेदारी बढ़ाई।
शेयर में एक साल में 50% की गिरावट दर्ज।
कंपनी ने अपना कर्ज काफी कम किया है।
नई दिल्ली| शेयर बाजार में अक्सर माना जाता है कि जिस शेयर में बड़ी गिरावट आ जाए, उससे दूरी बना लेनी चाहिए. लेकिन कई बार बड़े निवेशक वही करते हैं, जो आम निवेशक सोच भी नहीं पाते. जब ज्यादातर लोग गिरते शेयर से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं, तब कुछ अनुभवी निवेशक उसी शेयर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा देते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे सिर्फ मौजूदा गिरावट नहीं, बल्कि कंपनी का आने वाला भविष्य भी देखते हैं.
ऐसा ही कुछ रियल एस्टेट कंपनी Valor Estates के साथ देखने को मिला है. पिछले एक साल में कंपनी का शेयर करीब 40 फीसदी टूट चुका है. इसके बावजूद दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी लगातार बढ़ाई है. इतना ही नहीं, दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला भी इस कंपनी में निवेश बनाए हुए हैं. ऐसे में सवाल यह है कि आखिर इस शेयर में ऐसा क्या दिख रहा है, जिस पर बड़े निवेशक अब भी भरोसा जता रहे हैं. आइए विस्तार में पूरी कहानी समझते हैं.
मुकुल अग्रवाल ने क्यों बढ़ाया निवेश
Valor Estates का शेयर इस समय करीब 114 रुपये पर कारोबार कर रहा है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 6,232 करोड़ रुपये है और इसका P/E रेशियो 86.09 है. शेयर पिछले एक साल में करीब 40 फीसद टूट चुका है, लेकिन इसके बावजूद दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल लगातार अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं.
मुकुल अग्रवाल की हिस्सेदारी पहली बार जून 2025 में कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में दिखाई दी थी. उस समय उनके पास 1.21 फीसदी हिस्सेदारी थी. यह हिस्सेदारी सितंबर और दिसंबर 2025 तक बनी रही. इसके बाद उन्होंने मार्च 2026 में इसे बढ़ाकर 1.47 फीसदी किया और जून 2026 में इसे बढ़ाकर 1.57 फीसदी कर दिया. यानी शेयर में गिरावट आने के बावजूद उन्होंने अपने निवेश को बढ़ाना जारी रखा.
खबरें और भी
रेखा झुनझुनवाला भी हैं निवेशक
Valor Estates के शेयरधारकों की लिस्ट में रेखा झुनझुनवाला का नाम भी शामिल है. उनकी हिस्सेदारी दो अलग-अलग होल्डिंग के जरिए है. दोनों को मिलाकर जून 2026 तक उनकी कुल हिस्सेदारी करीब 4.34 फीसदी रही. वहीं कंपनी में FII की हिस्सेदारी 4.79 फीसदी और DII की हिस्सेदारी 0.39 फीसदी है. दूसरी ओर प्रमोटर्स की हिस्सेदारी सितंबर 2023 के 53.82 फीसदी से घटकर जून 2026 में 47.17 फीसदी रह गई है, जबकि पब्लिक की हिस्सेदारी बढ़कर 47.65 फीसदी हो गई है.
पूरे साल के नतीजों में दिखा सुधार
कंपनी के पूरे साल के कारोबार में सुधार देखने को मिला है. FY24 में कंपनी की कुल बिक्री 357 करोड़ रुपये थी, जो FY25 में बढ़कर 1,133 करोड़ रुपये और FY26 में 1,593 करोड़ रुपये पहुंच गई. मुनाफे की बात करें तो FY24 में कंपनी को 1,317 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. इसके बाद FY25 में कंपनी 118 करोड़ रुपये के घाटे में चली गई. हालांकि FY26 में कंपनी फिर से 27 करोड़ रुपये के मुनाफे में लौट आई.
लेकिन तिमाही नतीजे रहे कमजोर
हालांकि कंपनी के ताजा तिमाही नतीजे ज्यादा अच्छे नहीं रहे. मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की बिक्री घटकर 87 करोड़ रुपये रह गई, जबकि खर्च 166 करोड़ रुपये रहा. इससे कंपनी को 79 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग घाटा हुआ और ऑपरेटिंग मार्जिन माइनस 91 फीसदी रहा. इस तिमाही में कंपनी का कुल घाटा 59 करोड़ रुपये रहा और EPS माइनस 1.09 रुपये दर्ज किया गया. रियल एस्टेट कंपनियों में कई बार प्रोजेक्ट पूरे होने और बिक्री के समय के कारण तिमाही नतीजों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.
कर्ज में बड़ी कमी आई
कंपनी के लिए एक अच्छी बात यह रही कि उसने अपना कर्ज काफी कम किया है. मार्च 2025 में कंपनी पर 1,900 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो मार्च 2026 तक घटकर 747 करोड़ रुपये रह गया. वहीं कंपनी की कुल देनदारियां और कुल एसेट भी 8,547 करोड़ रुपये से घटकर 6,359 करोड़ रुपये रह गए. इससे साफ है कि कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
ये भी पढ़ें: खर्च घटा, मुनाफा बढ़ा! Q1 में चमके ये 4 स्मॉलकैप शेयर, ऑपरेटिंग मार्जिन में रिकॉर्ड उछाल
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)