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'जल्द होगा फैसला', NSE IPO पर सेबी चीफ का बड़ा बयान, फाइनल स्टेज में मंजूरी प्रक्रिया

Updated: Thu, 27 Aug 2026 10:40 PM (IST)

NSE IPO: सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने बताया कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम ...और पढ़ें

NSE IPO की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में, जल्द फैसला।

NSE IPO की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में, जल्द फैसला।

HighLights

  1. NSE IPO की मंजूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में, जल्द फैसला।

  2. सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने दी महत्वपूर्ण अपडेट।

  3. आईपीओ ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के रूप में बाजार में आएगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। NSE IPO का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर आई है। 5.26 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ किसी भी समय बाजार में दस्तक दे सकता है। दरअसल, सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने इस आईपीओ पर बड़ा अपडिया दिया है।

सेबी प्रमुख ने इस बात के संकेत दिए हैं कि एनएसई आईपीओ को जल्द ही मंजूरी मिलने वाली है। आपको बता दें कि NSE ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा किया है, जिसकी मंजूरी मिलती है आईपीओ के लॉन्च होने का रास्ता साफ हो जाएगा। आइए जानते हैं कि आखिर सेबी चीफ तुहिन कांत पांडे ने इस मेगा आईपीओ को लेकर क्या संकेत दिए हैं।

NSE IPO पर क्या बोले SEBI चीफ

सेबी चीफ तुहिन कांत पांडे ने कहा, "NSE IPO के लिए दाखिल किए गए DRHP की मंजूरी प्रक्रिया अपने फाइनल स्टेज पर है। इस पर जल्द ही फैसला होगा।"

उन्होंने यह बात एनएसई क्लियरिंग की 30वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। इस दौरान उन्होंने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) पर भी बात की।

फ्यूचर एंड ऑप्शन के लिए लागू किए गए नई CA व्यवस्था पर बोलते हुए तुहिन कांत पांडे ने कहा- "फिलहाल अभी CAS सिस्टम में हम किसी भी प्रकार का कोई बदलाव नहीं देख रहे हैं। यह व्यवस्था उसी जैसे चल रही थी उसी प्रकार चल रही है। इस व्यवस्था में पार्टिसिपेंट्स बढ़ेंगे और सभी ब्रोकर अपने ऐप में इसे उपलब्ध कराएंगे।"

ऑफर फॉर सेल होगा आईपीओ

NSE ने 17 जून को अपना 614 पेज का DRHP फाइल किया, जिसमें 148.9 मिलियन शेयरों (यानी एक्सचेंज की इक्विटी का लगभग 6%) तक का पूरी तरह से 'ऑफर-फॉर-सेल' (OFS) लाने का प्रस्ताव था। उस समय NSE के अनलिस्टेड-मार्केट वैल्यूएशन के आधार पर इस इश्यू की अनुमानित कीमत लगभग 30,000 करोड़ रुपये थी। चूंकि यह इश्यू OFS है, इसलिए शेयर की बिक्री से मिलने वाली रकम NSE को नहीं मिलेगी।

एनएसई को अगस्त में विनियामक मंजूरी की उम्मीद थी, लेकिन बिक्री शेयरधारकों में बदलाव के बाद 10 अगस्त को अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में एक परिशिष्ट दाखिल करने के बाद समयसीमा बढ़ा दी गई थी।

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"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)