SBI Q4 Results: मुनाफा 6% बढ़कर ₹19684 करोड़ हुआ, हर शेयर पर ₹17.35 के डिविडेंड की घोषणा; फिर क्यों 7% तक टूटा शेयर
SBI Q4 Results: भारतीय स्टेट बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसमें मुनाफा 5.6% बढ़कर ₹19684 करोड़ रहा। बाजार की उम्मीदों से ...और पढ़ें

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने जारी किए तिमाही नतीजे
नई दिल्ली। SBI Q4 Results: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे (sbi results) जारी कर दिए। कंपनी का मुनाफा साल दर साल 5.6 फीसदी बढ़कर 19684 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में, इस PSU बैंक का प्रॉफिट ₹18,642.59 करोड़ था। मुनाफा बढ़ने के बावजूद SBI के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। इसके शेयर लगभग 7 फीसदी (sbi share price) टूटकर कारोबार कर रहे हैं।
SBI ने अपने निवेशकों को भारी भरकम डिविडेंड देने का भी एलान किया है। बैंक ने घोषणा कि है कि वह अपने निवेशकों को हर शेयर पर ₹17.35 का डिविडेंड देगी।
क्यों टूटा SBI का शेयर?
SBI के शेयर लगभग 7 फीसदी तक टूटे। शेयरों में गिरावट की वजह से तिमाही नतीजों का मुताबिक नहीं आना है। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, प्रॉफिट में 6.4% की गिरावट आई, क्योंकि Q3FY26 में SBI का प्रॉफिट ₹21,028.15 करोड़ था।
दरअसल, भारतीय स्टेट बैंक के तिमाही नतीजे (SBI Quarterly Result) बाजार की उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहे। बैंक के नेट प्रॉफिट में शुद्ध लाभ में यह बढ़ोतरी प्रोविजन में भारी गिरावट और एसेट क्वालिटी में सुधार के कारण हुई, लेकिन यह रॉयटर्स-LSEG द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार अनुमानित 20312 करोड़ रुपये से कम रहा। यही कारण रहा कि बैंक के शेयर क्रैश हुए।
इस समय SBI के शेयर NSE पर 5.66 % टूटकर 1030.20 रुपये (sbi bank share price) के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। यह आज 1010.90 रुपये के निचले स्तर तक गया था।
SBI के तिमाही नतीजे कैसे रहे?
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी कमाए गए ब्याज और चुकाए गए ब्याज के बीच का अंतर साल-दर-साल 4.1 प्रतिशत बढ़कर 44,380 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 42,618 करोड़ रुपये थी। हालांकि, NII भी बाजार की उम्मीदों से कम रही।
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एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर, SBI ने ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो में और सुधार की जानकारी दी है। यह पिछले क्वार्टर के 1.57 प्रतिशत से घटकर 1.49 प्रतिशत हो गया है। नेट NPA रेश्यो पिछले क्वार्टर के मुकाबले 0.39 प्रतिशत पर ही स्थिर रहा।
BSE पर फाइल किए गए स्टैंडअलोन फाइनेंशियल स्टेटमेंट के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के मार्च तिमाही के टैक्स के बाद के शुद्ध मुनाफे (PAT) में पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के ₹18,642.59 करोड़ की तुलना में 5.5% की सालाना (YoY) बढ़ोतरी हुई और यह ₹19,683.75 करोड़ पर पहुंच गया।
बिल्कुल सही आंकड़ों में, ग्रॉस NPA ( Non-Performing Asset) दिसंबर तिमाही के ₹73,636.8 करोड़ के मुकाबले ₹73,452.5 करोड़ रहे। हालांकि, नेट NPA पिछली तिमाही के ₹18,012 करोड़ से बढ़कर ₹18,830 करोड़ हो गए।
इस तिमाही में प्रोविज़न में भारी गिरावट आई; ये पिछली तिमाही के ₹4,507 करोड़ और पिछले साल की इसी अवधि के ₹6,441 करोड़ के मुकाबले घटकर ₹2,872 करोड़ रह गए। NII का प्रदर्शन उम्मीद से कमज़ोर रहने के बावजूद, प्रोविज़न में आई इस कमी ने कुल मुनाफ़े को सहारा दिया।
SBI अपने निवेशकों को देगी डिविडेंड
BSE फाइलिंग के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने अपनी तिमाही मीटिंग के बाद, 2025-26 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए शेयरहोल्डर्स को ₹17.35 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
SBI ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंजों को बताया, "बोर्ड ने 31.03.2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹17.35 प्रति इक्विटी शेयर (1,735%) डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इक्विटी शेयरों पर डिविडेंड पाने के हकदार सदस्यों की पात्रता तय करने के लिए रिकॉर्ड डेट 16.05.2026 है और डिविडेंड पेमेंट की तारीख 4 जून, 2026 है।"
Source- BSE Filing
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)