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    4 से 8 मई तक शेयर बाजार ऊपर जाएगा या नीचे? विधानसभा चुनावों के नतीजे, कच्चा तेल और मिडिल ईस्ट संकट करेंगे तय!

    Updated: Sun, 03 May 2026 11:27 AM (GMT+05:30)

    इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा विधानसभा चुनावों के नतीजों, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही परिणामों से तय होगी। ...और पढ़ें

    शेयर बाजार के लिए अगले हफ्ते कौन से फैक्टर रहेंगे अहम?

    शेयर बाजार के लिए अगले हफ्ते कौन से फैक्टर रहेंगे अहम?

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    भाषा, नई दिल्ली। विश्लेषकों के अनुसार इस हफ्ते शेयर बाजारों (Stock Market Outlook for Next Week) की दिशा मुख्य रूप से कई राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों और पश्चिम एशिया संघर्ष (Middle East Crisis) के बीच कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Pric) से तय होने का अनुमान है। जानकारों का अनुमान है कि निवेशक पश्चिम एशिया संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से संबंधित घटनाक्रमों पर भी नजर रखेंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के पांच विधानसभा चुनावों के लिए मतों की गिनती सोमवार, चार मई से शुरू होगी।
    लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के ने कहा, ''सबसे इमिडिएट फैक्टर प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम होंगे। निवेशक करीब से देख रहे हैं कि क्या केंद्र में सत्तारूढ़ दल पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को हरा सकता है और क्या विपक्ष शासित केरल तथा तमिलनाडु में सार्थक पैठ बना सकता है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस समय सीमित उपस्थिति है।''

    कच्चा तेल भी अहम फैक्टर

    हरिप्रसाद ने कहा कि कच्चा तेल सबसे महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक फैक्टर बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा, ''स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे मुद्रास्फीति का जोखिम है। भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतें रुपये पर दबाव डालती हैं। इसका कॉरपोरेट मार्जिन के साथ ही राजकोषीय गतिशीलता पर भी असर पड़ता है।''
    इसके अलावा मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़े, चौथी तिमाही के नतीजे और विदेशी निवेशकों के रुख से भी बाजार प्रभावित होगा।

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    मिडिल ईस्ट संकट पर नजर

    रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च डिपार्टमेंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा ने कहा, ''कच्चे तेल की कीमतों का रुझान प्रमुख बाहरी कारक बना रहेगा। अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे गतिरोध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने की आशंका से बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।''
    उन्होंने कहा कि प्रमुख आर्थिक आंकड़ों में एचएसबीसी विनिर्माण पीएमआई (चार मई), सेवा और कंपोजिट पीएमआई (छह मई) और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े (आठ मई) इस सप्ताह आने हैं, जो आर्थिक गति और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता के बारे में संकेत देंगे।

    किन कंपनियों के आएंगे नतीजे?

    इस सप्ताह अंबुजा सीमेंट्स, बीएचईएल, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो जैसी प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे घोषित किए जाएंगे। स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ''इस सप्ताह बाजार शुरुआत में राज्य विधानसभा चुनावों के परिणामों पर प्रतिक्रिया देंगे, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में, जिससे 1-2 दिनों तक उतार-चढ़ाव हो सकता है।''
    उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों में किसी भी नई तेजी से भारतीय शेयरों पर फिर से बिकवाली का दबाव आ सकता है, जबकि कीमतों में निरंतर गिरावट से धारणा में सुधार होने की संभावना है।

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    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)