TATA की इस कंपनी के खिलाफ विदेश में शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही, जमशेदजी ने आजादी से 40 साल पहले की थी शुरुआत
डच प्रॉसिक्यूटर ने टाटा स्टील की डच यूनिट के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की है, जिस पर पर्यावरण में हानिकारक पदार्थ छोड़ने का आरोप है। कंपनी पर जानबू ...और पढ़ें
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टाटा स्टील पर हुआ एक्शन (AI फोटो)
HighLights
डच प्रॉसिक्यूटर ने टाटा स्टील पर आपराधिक कार्यवाही शुरू की
कंपनी पर पर्यावरण में हानिकारक पदार्थ छोड़ने का आरोप है
मामले की पहली सुनवाई 20 नवंबर को एम्स्टर्डम में होगी
नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की टाटा स्टील के लिए एक बुरी खबर है। दरअसल डच (नीदरलैंड्स) प्रॉसिक्यूटर ने टाटा स्टील की डच यूनिट के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू की है। कंपनी पर आरोप है कि इसने जानबूझकर और गैर-कानूनी तरीके से पर्यावरण में हानिकारक पदार्थ छोड़े, जिससे लोगों की सेहत को खतरा हो सकता है।
डच पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑफिस का कहना है कि उन्हें टाटा स्टील इजमुइडेन पर कई आपराधिक अपराधों का शक है, जिसमें जानबूझकर हवा में खतरनाक पदार्थ छोड़ना और अपनी जिम्मेदारी ठीक से न निभाना शामिल है।
4 साल पुराना है मामला
यह मामला 2022 में शुरू हुई एक आपराधिक जांच से जुड़ा है, जब 800 से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील की शिकायत के बाद ये शुरू हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रॉसिक्यूटर के मुताबिक स्टील बनाने की प्रोसेस और टाटा स्टील के कोक ओवन गैस प्लांट के कामकाज की जांच में कंपनी को कोर्ट में ले जाने के लिए पर्याप्त सबूत मिले हैं।
अधिकारियों का आरोप है कि कंपनी ने ठीक से रखरखाव नहीं किया, कुछ सुविधाओं को बिना इजाजत चलाया और कच्चे कोक (कोयले से बना ईंधन जिसका इस्तेमाल ब्लास्ट फर्नेस में स्टील बनाने के लिए होता है) से जुड़ी कई घटनाओं की जानकारी नहीं दी।
क्या दिया टाटा स्टील इजमुइडेन ने जवाब?
टाटा स्टील इजमुइडेन ने कहा कि वह इन चिंताओं और आलोचनाओं को गंभीरता से लेती है और सुधार के उपाय लागू करना जारी रखेगी। कंपनी ने कहा कि वह कम पके हुए कोक के उत्पादन को कम करने के लिए काम कर रही है।
साथ ही कंपनी ने यह भी कहा कि कभी-कभी पूरी तरह न पकना "तकनीकी रूप से अपरिहार्य" है। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि पिछली कुछ घटनाओं को लेकर आपराधिक कार्यवाही करने का कोई खास फायदा नहीं है, क्योंकि उनके मुताबिक तकनीकी सुधारों के जरिए उन पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है।
किन पर लटकी तलवार?
डच प्रॉसिक्यूटर ने कहा कि वे इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या मैनेजमेंट के पदों पर बैठे लोगों पर व्यक्तिगत आपराधिक जिम्मेदारी तय की जा सकती है। एम्स्टर्डम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 20 नवंबर को शुरुआती सुनवाई तय की गई है।
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शेयर पर रखें नजर
बुधवार को टाटा स्टील का शेयर 0.70 फीसदी या 1.32 रुपये गिरकर 188.47 रुपये पर बंद हुआ था। डच प्रॉसिक्यूटर के एक्शन के बाद आज फिर कंपनी का शेयर फोकस में रह सकता है।
बता दें कि टाटा स्टील की शुरुआत 1907 में जमशेदजी और दोराबजी टाटा ने की थी।
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