Vedanta Demerger: डीमैट अकाउंट में आने लगे नई कंपनियों के शेयर, मगर कब खत्म होगा लिस्टिंग का इंतजार? पढ़ें बड़ी अपडेट
वेदांता के शेयरों में डीमर्जर प्रक्रिया और निवेशकों को नई कंपनियों के शेयर मिलने से तेजी देखी गई। इन अलग हुई कंपनियों की लिस्टिंग जून के मध्य तक होने ...और पढ़ें

वेदांता की नई कंपनियों की लिस्टिंग जल्द (ये फोटो AI जनरेटेड है)

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नई दिल्ली। मंगलवार 12 मई को जब शेयर बाजार में कमजोरी थी, तब भी वेदांता लिमिटेड के शेयर में तेजी देखी गई। इसकी वजह यह थी कि निवेशक कंपनी की लंबे समय से इंतजार की जा रही डीमर्जर प्रोसेस और नए बने कारोबारों के शेयरों के क्रेडिट से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे।
उस ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर 3.85 प्रतिशत तक चढ़कर 309.90 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुँच गया था और आखिर में शेयर 305.95 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 2.53 प्रतिशत अधिक था। उसके बाद भी शेयर में तेजी देखी गयी है। बीते 5 कारोबारी सत्रों में वेदांता का शेयर (Vedanta Share Today) 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।
इस बीच, अलग हुई कंपनियों की कब लिस्टिंग होगी और शेयरहोल्डर्स को किन चीजों पर अब नजर रखनी चाहिए, आइए जानते हैं।
शेयरहोल्डर्स को मिलने लगे शेयर
मेटल और माइनिंग की बड़ी कंपनी वेदांता को लेकर निवेशकों का भरोसा तब और मजबूत हो गया, जब शेयरहोल्डर्स को डीमर्ज हुई कंपनियों के शेयर उनके डीमैट खातों में मिलने लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई निवेशकों ने बताया कि Malco Energy Limited, Vedanta Iron and Steel Limited और Talwandi Sabo Power Limited जैसी कंपनियों के शेयर अब उनकी होल्डिंग्स में दिखने लगे हैं।
शेयरहोल्डर्स के पास 5 कंपनियों के शेयर
वेदांता ने 30 अप्रैल 2026 को शेयरों का प्राइस तय करने के लिए एक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया था। यह सेशन, मौजूदा वेदांता कारोबार समेत, पाँच अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के अलग होने से पहले आयोजित किया गया था।
डीमर्जर योजना के तहत, शेयरधारकों को वेदांता में अपने हर एक शेयर के बदले, नई बनी चार कंपनियों में से प्रत्येक का एक-एक शेयर मिलेगा। इसके बाद, निवेशकों के पास असल में पाँच अलग-अलग सेक्टरों की कंपनियों के शेयर होंगे।
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ये हैं 5 कंपनियां
इस डीमर्जर से वेदांता अलग-अलग स्वतंत्र कारोबारों में बँट गई है, जिनमें एल्युमीनियम, तेल और गैस, बिजली, स्टील और लोहा और बेस मेटल्स शामिल हैं।
- वेदांता एल्युमीनियम - एल्युमीनियम और एल्युमिना से जुड़े काम संभालेगी
- मालको एनर्जी, जिसे वेदांता ऑयल एंड गैस नाम दिया जाएगा, तेल-गैस का कारोबार संभालेगी
- तलवंडी साबो पावर का नाम वेदांता पावर होगा और ये ऊर्जा सेगमेंट संभालेगी
- वेदांता स्टील एंड आयरन स्टील आदि काम देखेगी
- वेदांता लिमिटेड बेस मेटल्स का पोर्टफोलियो अपने पास रखेगी
कब हो सकती है लिस्टिंग?
वेदांता ने संकेत दिया है कि अलग हुई कंपनियों के शेयर जून के मध्य तक लिस्ट हो सकते हैं और तब ही उनमें ट्रेडिंग शुरू हो सकती है। कंपनी की Q4 नतीजों पर इन्वेस्टर कॉल के दौरान, वेदांता रिसोर्सेज की CEO देशनी नायडू ने कहा कि "अगले हफ्ते, हम लिस्टिंग की मंजूरी के लिए एक्सचेंजों के पास आवेदन करेंगे। इसके नतीजे बनने वाली कंपनियों के शेयर जून के मध्य तक लिस्ट होने और उनकी ट्रेडिंग शुरू होने की उम्मीद है"।
क्या है डीमर्जर का मकसद?
वेदांता के अनुसार इस रीस्ट्रक्चरिंग का मकसद कंपनी के स्ट्रक्चर को आसान बनाना, अलग-अलग सेक्टर पर फोकस वाले कारोबार बनाना और शेयरधारकों के लिए वैल्यू बढ़ाना है। कंपनी का मानना है कि इस कदम से निवेशकों का एक बड़ा ग्रुप आकर्षित होगा, जिसमें सॉवरेन वेल्थ फंड, रणनीतिक निवेशक और ऐसे रिटेल निवेशक शामिल हैं जो प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा के कारोबार में निवेश करना चाहते हैं।
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