जिस JP Associates को अदाणी ने खरीदा, उसमें जनता की 71.23% हिस्सेदारी; फिर भी नहीं मिलेगी फूटी कौड़ी, आखिर क्यों?
जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर 18 जून 2026 से BSE और NSE से डीलिस्ट हो जाएंगे, जिसे अदाणी ग्रुप ने NCLT की मंजूरी के बाद अधिग्रहित किया है। कंपनी में 71.2 ...और पढ़ें

जेपी एसोसिएट्स के शेयर 18 जून 2026 से डीलिस्ट होंगे
HighLights
जेपी एसोसिएट्स के शेयर 18 जून 2026 से डीलिस्ट होंगे।
अदाणी ग्रुप ने NCLT मंजूरी के बाद कंपनी का अधिग्रहण किया।
आम शेयरधारकों को समाधान योजना में कोई भुगतान नहीं।
नई दिल्ली। जयप्रकाश एसोसिएट्स का किस्सा खत्म हो चुका है। यह कंपनी अब गौतम अदाणी के हाथों में आ चुकी है। अब शेयर बाजार से जेपी एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates Limited) के शेयर भी डीलिस्ट होंगे।
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, अदाणी ग्रुप की कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स (JAL) को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मंजूरी के बाद, भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) से अपने इक्विटी शेयरों को इंडेक्स से डीलिस्ट करने की अंतिम मंजूरी मिल गई है। जेपी एसोसिएट्स में आम जनता की हिस्सेदारी 70% से अधिक है, लेकिन उन्हें फूटी कौड़ी तक नहीं मिलेगी। लेकिन सवाल यह है कि आखिर जनता को क्यों एक भी रुपये नहीं मिलेगा। आइए जानते हैं।
JP Associates में किसकी कितनी हिस्सेदारी?
NSE के 31 मार्च, 2026 तक के डेटा के अनुसार, जयप्रकाश एसोसिएट्स में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों की हिस्सेदारी 28.77% थी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास 71.23% हिस्सेदारी थी। लेकिन रिटेल निवेशकों को एक भी रुपये नहीं मिलेगा।
एक्सचेंज के डेटा से यह भी पता चला कि 2025-26 में खत्म हुए साल की चौथी तिमाही तक कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयर 245,45,95,640 यानी 245 करोड़ से ज्यादा थे।

अदाणी इंटरप्राइजेज ने जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) को क्रेडिटर्स से ₹14,535 करोड़ के रिजॉल्यूशन प्लान के लिए मंजूरी के तहत खरीदा है। यह पैसा उन लेंडर्स के पास जाएगा जिन्होंने जेपी एसोसिएट्स को लोन दिया था।
JP Associates के 71.23% निवेशकों को क्यों नहीं मिलेगा एक भी रुपया?
दिवालिया जेपी एसोसिएट्स के लिए मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के तहत, जयप्रकाश एसोसिएट्स का मौजूदा शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसमें पब्लिक शेयरहोल्डर्स और प्रमोटर्स दोनों की होल्डिंग्स शामिल हैं, जिससे मौजूदा इक्विटी इन्वेस्टर्स के लिए कोई भी वैल्यू नहीं बचेगी। NSE के डेटा के अनुसार आम जनता यानी पब्लिक की जो 71.23% हिस्सेदारी है उसकी वैल्यू जीरो हो गई है। और जो शेयर हैं वह भी 18 जून को डीलिस्ट हो जाएंगे। यानी शेयरों की संख्या भी उनके डीमैट खाते से गायब हो जाएगी।
इन्सॉल्वेंसी से पहले की सभी शेयर कैपिटल जिसमें इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर और कोई भी कन्वर्टिबल इंस्ट्रूमेंट या वारंट शामिल हैं को बिना किसी पेमेंट के पूरी तरह से रद्द और खत्म कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि शेयरहोल्डर्स को कोई पेमेंट नहीं मिलेगा और उनके इन्वेस्टमेंट असल में बेकार हो जाएंगे। यानी कंपनी में 100% का मालिकाना हक पूरी तरह से अदाणी ग्रुप के पास चल गया है।
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NSE-BSE से हटाए जाएंगे JP Associates के शेयर
दिवालियापन के लंबे मामले और उसके बाद अदाणी ग्रुप द्वारा कंपनी के अधिग्रहण के बाद, जयप्रकाश एसोसिएट्स के शेयर गुरुवार, 18 जून, 2026 से NSE और BSE दोनों से डीलिस्ट (हटा) कर दिए जाएंगे।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंजों को जानकारी दी, "कंपनी के इक्विटी शेयर 18 जून, 2026 से BSE लिमिटेड और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड से डीलिस्ट हो जाएंगे।"
यह डीलिस्टिंग, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), इलाहाबाद बेंच, प्रयागराज द्वारा मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के अनुसार है। पिछले महीने, नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने दिवालिया हो चुकी रियल एस्टेट कंपनी JAL के लिए गौतम अदाणी ग्रुप की सफल बोली को चुनौती देने वाली माइनिंग अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड की याचिका को खारिज कर दिया था।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)