बस्तर में 2000 से ज्यादा आत्मसमर्पित माओवादी बनेंगे भाजपा की तिरंगा यात्रा का हिस्सा
छत्तीसगढ़ में भाजपा की 'हर घर तिरंगा' यात्रा में 2,000 से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी शामिल होंगे, जिसका उद्देश्य बस्तर के दूरस्थ गांवों को राष्ट्रीय मुख ...और पढ़ें

माओवादी तिरंगा यात्रा में शामिल (फाइल फोटो)
HighLights
2,000 से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे।
बस्तर के माओवाद प्रभावित गांवों में पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा।
अभियान का लक्ष्य शांति बहाली और सामाजिक समरसता को मजबूत करना।
राज्य ब्यूरो, रायपुर। इस साल दो हजार से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी भाजपा की तिरंगा यात्रा की ताकत बनने जा रहे हैं। दरअसल भारतीय जनता पार्टी 11 से 15 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में व्यापक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाएगी।
अभियान की औपचारिक शुरुआत 10 अगस्त को राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से सुबह 10 बजे होगा। इसकी कमान भारतीय जनता युवा मोर्चा के हाथों में होगी।
अभियान के तहत तीन दशक बाद माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए बस्तर के दूरस्थ गांवों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। यहां वर्षों बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। आत्मसमर्पित लगभग दो हजार से अधिक माओवादी भी तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे।
माओवाद के अंत के बाद हर घर तिरंगा यात्रा
सरकार यहां शांति बहाली के साथ-साथ लोकतंत्र ही सर्वोपरि का संदेश देना चाहती है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्र निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का भव्य माध्यम बनेगा।
बता दें कि 31 मार्च 2026 को बस्तर सहित पूरे देश से माओवादी हिंसा के खात्मे का एलान केंद्र सरकार कर चुकी है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के नौ गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा।
धुर माओवादी हिंसा प्रभावित गांव रहे पूवर्ती, सिलगेर और दरभा जैसे संवेदनशील व दुर्गम क्षेत्रों को इस अभियान के जरिए राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इससे ये क्षेत्र कुख्यात से विख्यात की ओर बढ़ रहे हैं।
बस्तर संभाग में भव्य बाइक रैलियां निकाली जाएंगी। 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण अमर बलिदानियों के नाम पर किया जाएगा।
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