एक गलती और 3 देशों को करोड़ों का फटका!, पूर्व ICC अधिकारी ने BCCI के फैसले पर दागे तीखे सवाल
आईसीसी के पूर्व अधिकारी समी उल हसन बर्नी ने बीसीसीआई की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मुस्तफिजुर रहमान की रिलीज के मामले को सार्वजनिक करने से ...और पढ़ें

ICC पर बरसा पूर्व अधिकारी, BCCI पर भी उठाए सवाल
HighLights
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आईसीसी के पूर्व अधिकारी ने बीसीसीआई के फैसलों पर उठाए सवाल
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। ICC vs PCB: आईसीसी के पूर्व अधिकारी समी उल हसन बर्नी ने बीसीसीआई की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि अगर बीसीसीआई बांग्लादेशी तेज गेंदबाजी मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का आदेश नहीं देता और इस मामले को चुपचाप सुलझा लेता तो आज टी20 विश्व कप 2026 से पहले पाकिस्तान के भारत से मैच बॉयकॉट जैसा विवाद देखने को न मिलता।
ICC पर बरसा पूर्व अधिकारी, BCCI पर भी उठाए सवाल
दरअसल, समी उल हसन बर्नी, जिन्होंने बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के मीडिया निदेशक के रूप में काम किया है, उन्होंने कहा कि अनावश्यक सार्वजनिक संचार के कारण स्थिति और बिगड़ गई।
बर्नी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि अगर क्रिकेट प्रशासक ज्यादा सतर्क होते और बांग्लादेश के किसी खिलाड़ी को फ्रेंचाइजी से हटाने का सुझाव देने वाले सार्वजनिक बयान देने से बचते, तो इस स्थिति से आसानी से बचा जा सकता था।
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि कभी-कभी हम गलत फैसला ले लेते हैं और उस वजह से ऐसी बात कह बैठते हैं जिसका बहुत बड़ा असर पड़ता है। 3 जनवरी को जो घोषणा की गई थी, वह भी ऐसी ही एक गलती का नतीजा था।
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बता दें कि उस्मान बर्नी पहले 'डॉन' अखबार में पत्रकार थे। इसके बाद, उन्होंने दुबई में ICCके मुख्यालय में 10 साल से ज्यादा समय तक काम किया। पिछले साल तक वे PCB के मीडिया डायरेक्टर भी थे। इस दौरान उन्होंने पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी के काम करने के तरीके के बारे में भी कुछ खास बातें बताईं।
बर्नी के मुताबिक, नकवी का कहना है कि ICC का बांग्लादेश के मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट न करने का फैसला गलत है। ये ICC के पुराने फैसलों के बिल्कुल उलट है और इसमें निरंतरता की कमी है।
‘दो तरह की बातें कर रहा है ICC’
नकवी का तर्क है कि ICC दो तरह की बातें कर रहा है। जब भारत की बारी थी, तो नियम कुछ और थे और जब बांग्लादेश की बारी आई, तो नियम बदल दिए गए। इसी को बर्नी 'दोहरा मापदंड' कह रहे हैं, जहां बड़े देशों के लिए नियम अलग और दूसरों के लिए अलग दिख रहे हैं।
आईसीसी ने संकेत दिया है कि अपने इस फैसले के लिए वित्तीय जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है और राजस्व का नुकसान भी हो सकता है जो लाखों डालर तक हो सकता है, हालांकि, बर्नी ने कहा कि पाकिस्तान ने अपना फैसला लेने से पहले नतीजों को ध्यान में रखकर ही फैसला लिया होगा।
उन्होंने कहा कि ये आसान फैसले नहीं हैं। कानूनी और विशेषज्ञ सलाह ली गई होगी। बर्नी ने आगे कहा कि सभी नतीजों को ध्यान में रखते हुए, भारत के खिलाफ एक भी मैच रद करने से 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। पाकिस्तान का वार्षिक राजस्व लगभग 35.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर है, इसलिए अंतर काफी महत्वपूर्ण है।
पूर्व आईसीसी अधिकारी ने साथ ही कहा है कि पाकिस्तान पहले भी साल 2009 से 2019 तक आर्थिक तंगी और घरेलू मैदानों पर क्रिकेट न होने के बावजूद सर्वाइव कर चुका है। इस दौरान 2009 टी20 विश्व कप और 2017 चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर ये पाकिस्तान ने साबित किया कि वे दबाव झेल सकते हैं।