'वो मेरी गलती नहीं थी', 26 साल पुराने किस्से पर हरभजन सिंह ने अब दी सफाई; BCCI को लपेटा
हरभजन सिंह ने 26 साल पुराने उस किस्से को याद किया जब उन्हें एनसीए से निकाल दिया गया था। उन्होंने बताया कि डाइट चार्ट फाड़ने का उनका कदम खराब खाने के खिलाफ अपने हक की लड़ाई थी, जिसमें उनकी कोई गलती नहीं थी।

हरभजन सिंह ने किया पुराना किस्सा याद

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने साल 26 साल पुराने एक किस्से को याद किया है और कहा कि उन्हें बिना गलती से सजा भुगतनी पड़ी थी। मामला एनसीए का था जो अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन गया है।
दरअसल, साल 2000 में जब हरभजन भारतीय क्रिकेट में अपने पैर जमा रहे थे तब एनसीए से उन्हें निकाल दिया गया था। हरभजन ने एनसीए का डाइट चार्ट फाड़ दिया था और नतीजन उन्हें वहां से बाहर कर दिया गया था। हरभजन ने कहा है कि इस मामले में उनकी गलती नहीं थी।
किया था विरोध
उस मामले को लेकर हरभजन ने बताया कि एनसीए में उस समय ट्रेनियों के लिए एक फिक्स डाइट प्लान था और इस संबंध में चार्ट भी लगा था, लेकिन उसके हिसाब से खाना मिलता नहीं था जिसकी उन्होंने शिकायत भी की थी।
क्रिकेटनेक्स्टऑफिशयल से बात करते हुए इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, "वहां से मुझे निकाल दिया गया था। वो मेरी गलती नहीं थी। मैं आज भी इस बात को खुलेआम कहता हूं क्योंकि वो हमारा हक था। जो हमारा खाना था वो अच्छा नहीं था। वहां जो नियाम-कानून थे वो यही थे कि हमें बहुत कुछ पढ़ाया जा रहा था, सिखाया जा रहा था। एक चार्ट लगा था कि ये डाइट होनी चाहिए। एक्सपर्ट के हिसाब से हमें वो डाइट मिलनी चाहिए, लेकिन वो खाना मिल नहीं रहा था।"
'मैं हक के लिए लड़ा'
हरभजन ने कहा कि उन्होंने अपने हक की लड़ाई लड़ी और अगर वह आवाज नहीं उठाते तो चीजें सुधरती नहीं। उन्होंने कहा, "हो सकता है कि अगर कोई कुछ इस तरह का नहीं करता तो चीजें बदलती नहीं। मैं अपने हक के लिए लड़ रहा था। अगर मैं उस समय लड़ता नहीं तो आज भी वही डाइट प्लान चल रहा होता। प्लान बदला। मुझे हटाया गया, ये अलग बात है, लेकिन ये मेरी गलती नहीं थी। बीसीसीआई में कुछ लोग थे जो नहीं चाहते थे कि कोई उनके खिलाफ खड़ा हो और आवाज उठाए।"

