'वो सचिन-विराट की तरह है', Vaibhav Suryavanshi को मौका न मिलने पर फूटा कपिल देव का गुस्सा
वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में मौका नहीं मिला। इसके बाद कपिल देव ने सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। ...और पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत को पहली बार विश्व विजेता बनाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव का कहना है कि सूर्यवंशी की उम्र नहीं देखकर उनकी क्षमता को देखना चाहिए। कपिल का ये भी मानना है कि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह ही सूर्यवंशी भी उतने ही शानदार खिलाड़ी हैं। उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब वैभव के इंटरनेशनल डेब्यू का इंतजार फैंस को भी है।
भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर है, जहां 5 मैचों की टी20 सीरीज खेली जा रही है। इससे पहले टीम इंडिया ने आयरलैंड का दौरा किया था, जहां भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। उम्मीद थी कि सूर्यवंशी को आयरिश टीम के खिलाफ पदार्पण का मौका मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में भी उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। अब दूसरे मैच से पहले कपिल देव ने बड़ा बयान दिया है।
कपिल देव ने विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर से की वैभव सूर्यवंशी की तुलना
स्पोर्ट्स तक से बात करते हुए पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, "मैंने उन्हें अधिक खेलते हुए नहीं देखा है। बिल्कुल ही वे बहुत ही प्रतिभा वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि हम उनके बारे में कुछ अधिक ही बातें कर रहे हैं। उन्हें इस तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करना चाहिए। अभी वो काफी युवा हैं और उनके पास सीखने के लिए बहुत ही अधिक समय है। अगर टैलेंट की बात करें, तो वे बिल्कुल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के जितने ही अच्छे हैं। उनके अंदर बहुत ही प्रतिभा है लेकिन टी20 क्रिकेट में। अन्य फॉर्मेट में उन्हें खुद को साबित करना होगा।"
उनकी क्षमता देखनी चाहिए: कपिल देव
कपिल देव ने आगे कहा, "टी20 क्रिकेट के वो शानदार खिलाड़ी हैं। इतनी कम उम्र में उनकी तरह शानदार प्रदर्शन करने वाले एक पर्सेंट खिलाड़ी भी नहीं मिलेंगे। अगर हम सचिन की बात करते हैं, तो जब उन्होंने खेला, तो वे भी बहुत युवा थे। हम सोचते थे कि ये बहुत जल्दी तो नहीं है। इसी वजह से जब इतिहास देखते हैं, तो डर लगता है कि कहीं देर न हो जाए। अगर वो पूरी तरह से तैयार हैं, तो उनकी उम्र नहीं देखनी चाहिए, उनकी बस क्षमता देखी जानी चाहिए।"