'फोन बंद किया, सोशल मीडिया से दूरी...,' संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कैसे मचाया तहलका? खोले सारे राज
भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बेहतरीन पारी खेली। संजू ने खुलासा किया है कि उन्होंने अपना फोन बंद कर दिया था और सोशल मीड ...और पढ़ें

संजू सैमसन ने अपनी पारी पर दिया बड़ा बयान
HighLights
संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए थे 97 रन
संजू ने फोन बंद कर दिया सोशल मीडिया से बनाई दूरी
सैमसने ने खुद को बताया भाग्यशाली
पीटीआई, कोलकाता। भारत के सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने फोन और इंटरनेट मीडिया अकाउंट बंद कर दिए, ताकि खराब फॉर्म के दौर में भी उनका आत्मविश्वास न डगमगाए और आखिर में उन्होंने वेस्टइंडीज के विरुद्ध टी-20 विश्व कप के करो या मरो मैच में मैच विजेता पारी खेलकर लय हासिल कर ली।
सैमसन ने रविवार को खेले गए सुपर आठ के मैच में 50 गेंदों में 97 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और चार छक्के शामिल हैं। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने जीत हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई। सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से भारत की करारी हार के बाद इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को सलामी बल्लेबाजी के रूप में अंतिम एकादश में शामिल किया गया था।
सैमसन ने अपना फोन बंद कर दिया
सैमसन ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा कि मैंने अपने शॉट चयन पर लगातार काम किया। मैं बहुत अधिक बदलाव नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे पता था कि मैंने उसी तरह से खेलते हुए पहले अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा, अपना फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूर रहा और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। मुझे खुशी है कि मैंने एक ऐसे मैच में अच्छा प्रदर्शन किया जो बहुत खास था। सैमसन ने असल में अकेले दम पर भारत को लक्ष्य तक पहुंचाया। इस बीच उन्हें कप्तान सूर्यकुमार यादव (18) और तिलक वर्मा (27) का कुछ साथ मिला।
उन्होंने कहा कि यह थोड़ा मुश्किल लक्ष्य था। हमारी बल्लेबाजी की मजबूती को देखते हुए मुझे लग रहा था कि ईडन गार्डेंस में ओस पड़ने पर 196 रन के लक्ष्य का पीछा करना थोड़ा आसान हो जाएगा, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से यह चुनौतीपूर्ण हो गया। सैमसन ने कहा कि यहीं पर मेरे अनुभव ने अहम भूमिका निभाई। मुझे अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन जब विकेट गिरते रहे तो मुझे लगा कि मुझे मैच का सकारात्मक अंत करना होगा।
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मैच में अच्छा प्रदर्शन कर हुई खुशी
उन्होंने कहा कि आप हमेशा ऐसा प्रदर्शन करना चाहते हैं लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। इसलिए मुझे खुशी है कि इस मैच में मैंने अच्छा प्रदर्शन किया। जब आप दबाव वाली परिस्थितियों में लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं तो आप अलग-अलग विकल्प अपनाते हैं और जोखिम भरे विकल्पों पर विचार करने के बजाय अधिक बाउंड्री लगाते हैं। न्यूजीलैंड के विरुद्ध घरेलू सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बारे में बात करते हुए सैमसन ने अपनी तकनीक में किए गए बदलावों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि यह मानवीय प्रकृति है कि हम अक्सर नकारात्मक सोच से शुरुआत करते हैं, जैसे, 'क्या मैं ऐसा कर सकता हूं। मुझे नहीं लगता कि मैं ऐसा कर सकता हूं।' जब भी मेरे मन में ऐसे विचार आते हैं तो मैं उन्हें सकारात्मक विचार से बदलने की कोशिश करता हूं। न्यूजीलैंड के विरुद्ध मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहता था लेकिन चीजें मेरे अनुकूल नहीं रही। सौभाग्य से मुझे 10 दिन का समय मिल गया।
सैमसन ने खुद को बताया भाग्यशाली
सैमसन ने कहा कि मैंने आत्ममंथन किया। मैंने अपनी बुनियाद पर काम किया कि मैंने खुद को कैसे तैयार किया था। बहुत से लोगों ने सुझाव दिए मैंने खुद से कहा कि संजू, तुमने इसी प्रारूप में तीन अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं। जब सैमसन से पूछा गया कि कोलकाता में खेली गई उनकी पारी उनके लिए क्या मायने रखती है तो उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि वह उस सपने को जी रहे हैं जिसे उन्होंने बचपन से संजोकर रखा है।