'मुझे धोनी का चेहरा पसंद नहीं', Sourav Ganguly ने माही को लेकर दिया हैरान करने वाला बयान
सौरव गांगुली ने पूर्व कप्तान एमएस धोनी को लेकर हैरान करने वाला खुलासा किया है। उनका कहना है कि उन्हें धोनी का दूसरा चेहरा पसंद नहीं है। ...और पढ़ें

एमएस धोनी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने एमएस धोनी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि धोनी का दूसरा चेहरा उन्हें पसंद नहीं है। गांगुली ने उस दौर के बारे में भी बात की, जहां भारतीय क्रिकेट फिक्सिंग से जूझ रहा था। गांगुली का कहना है कि उन्हें वो धोनी पसंद है, जो लगातार छक्के मारता था। गांगुली ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने कई युवा खिलाड़ियों का करियर बनाया है।
सौरव ऐसे समय में कप्तान बने, जब भारतीय टीम पर फिक्सिंग के आरोप लगे थे। कई खिलाड़ियों पर बैन लगा दिया गया था। इस दौरान उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों का करियर संवारा और बाद में वे चलकर क्रिकेट के सुपरस्टार बने। इसी कड़ी में एमएस धोनी का नाम भी शामिल है। धोनी ने गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था। अब उन्होंने धोनी को लेकर बड़ा बयान दिया है।
सौरव गांगुली ने एमएस धोनी पर दिया बड़ा बयान
राजशमानी के पॉडकास्ट पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, "धोनी से पहले रांची से कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं हुआ। धोनी को देखो वो कैसे बड़ा प्लेयर बना और फिर कप्तान भी बना। वो माइंडसेट शिफ्ट होना बहुत जरूरी होता है। इसे खिलाड़ी ही अपने प्रदर्शन से कर सकता है। मैंने किसी भी प्लेयर को एमएस धोनी की तरह छक्के लगाते हुए बहुत ही कम देखा है। जब वो शुरू में आया था, तो उस समय मैं कप्तान था और वो कहां-कहां छक्के मारता था। आप लोगों ने तो बाद में देखा है। मुझे धोनी दूसरा चेहरा पसंद नहीं है। मुझे उसका पहला चेहरा पसंद है। वो सिर्फ छक्के ही मारता था, बैट उठाता था, गेंद सीधे बाहर जाती थी। वो एक रन लेने वाले धोनी मुझे पसंद नहीं है।"
फिक्सिंग को लेकर भी गांगुली का खुलासा
साल 2000 में भारतीय टीम पर फिक्सिंग के आरोप लगे थे। इसमें साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोन्ये का नाम आया था। भारत की तरफ से मोहम्मद अजहरुद्दीन और अजय जडेजा जैसे खिलाड़ियों का नाम भी सामने आया था। इसके बाद, जब गांगुली कप्तान बने, तो उन्होंने सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ से इसको लेकर पूछताछ की थी। दादा ने खुलासा किया कि वे इस मामले को समझने के लिए तेंदुलकर और द्रविड़ से बात की थी।
खबरें और भी
उन्होंने कहा, "मुझे कप्तान बनाया गया, तो इस मामले को मैं समझना चाहता था। मुझे इसके बारे में पता नहीं था कि क्या सच में ऐसा होता है। इस वजह से मैंने सचिन तेंदुलकर से पूछा कि क्या तुझसे किसी ने कभी संपर्क किया है? उनका जवाब नहीं था। इसके अलावा राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले का भी यही जवाब था।"