'बैटिंग करते हुए कप्तान नहीं, सिर्फ बल्लेबाज होता हूं', IPL 2026 से पहले ऋषभ पंत ने साफ कर दिए अपने इरादे
आईपीएल 2026 के आगाज से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आ रहे हैं। ...और पढ़ें
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ट्रॉफी जीतने पर पंत की नजर।
HighLights
लखनऊ की टीम संतुलन और तैयारी के मामले में पहले से बेहतर स्थिति में
1 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स से होगा लखनऊ सुपर जायंट्स का सामना
दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स ने अब तक नहीं जीता खिताब
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के आगाज से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आ रहे हैं। टीम एक अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध अपने अभियान की शुरुआत करेगी। पंत का मानना है कि इस बार टीम संतुलन और तैयारी के मामले में पहले से बेहतर स्थिति में है।
कप्तान, विकेटकीपर और बल्लेबाज की भूमिका को संतुलित करने पर पंत ने कहा कि मैदान पर स्थिति के अनुसार सोच बदलनी पड़ती है। फील्डिंग के दौरान वह कप्तान की भूमिका में होते हैं, लेकिन बल्लेबाजी करते समय खुद को सिर्फ बल्लेबाज मानते हैं। उनके अनुसार, यदि बल्लेबाजी करते समय कप्तानी का दबाव दिमाग में रहेगा तो निडर खेल पाना मुश्किल हो जाएगा।
अब कंडीशन बदल गई
पंत ने जियो स्टार से हुई बातचीत में कहा कि पिछला सीजन उनके लिए सीखने का साल था। नई टीम के साथ जुड़ना, खिलाड़ियों को समझना और टीम के माहौल में खुद को ढालना आसान नहीं होता, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। टीम के भीतर आपसी समझ और बांडिंग पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है। पंत का मानना है कि हर सीजन नई ऊर्जा के साथ उतरना जरूरी है और टीम का लक्ष्य साफ है कि विनम्र रहकर खेल का आनंद लेना और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना।
फील्डिंग में सुधार जरूरी
पिछले सीजन से मिली सीख पर बात करते हुए पंत ने फील्डिंग को एक अहम क्षेत्र बताया, जहां सुधार की जरूरत थी। इसी कारण टीम ने फील्डिंग कोच के रूप में अभय शर्मा को जोड़ा है। पंत का कहना है कि आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में छोटे-छोटे सुधार ही बड़ा फर्क पैदा करते हैं, क्योंकि अब टीमों के बीच जीत-हार का अंतर बहुत कम हो गया है।
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गेंदबाजी मजबूत हुई
उनके अनुसार, एक कप्तान के रूप में खिलाड़ियों पर भरोसा करना और उनका ख्याल रखना बेहद जरूरी है। जब टीम के भीतर विश्वास और समझ मजबूत होती है, तो उसका असर मैदान पर भी दिखता है। इस सीजन टीम में मोहम्मद शमी और एनरिक नोत्र्जे जैसे तेज गेंदबाजों के जुड़ने से गेंदबाजी आक्रमण भी मजबूत हुआ है। पंत मानते हैं कि पिछले साल बल्लेबाजी टीम की ताकत थी, लेकिन गेंदबाजी में कुछ चुनौतियां आई थीं, खासकर चोटों के कारण।
हालांकि, वह इसे बहाना नहीं मानते। इस बार टीम ने अपनी कमजोरियों को दूर करते हुए गेंदबाजी इकाई को संतुलित और मजबूत बनाया है, जिससे टीम का संयोजन और बेहतर हुआ है। पंत का मानना है कि स्पष्टता ही खिलाड़ी को खुलकर खेलने की आजादी देती है। वह खुद को पहले एक खिलाड़ी मानते हैं और उसी सोच के साथ प्रदर्शन करना चाहते हैं।
साथ ही कप्तान के रूप में वह यह समझने पर जोर देते हैं कि कौन खिलाड़ी किस तरह अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकता है। अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलित मिश्रण के साथ पंत इस सीजन को लेकर काफी उत्साहित हैं और टीम को खिताब की दौड़ में मजबूत दावेदार मानते हैं।