अजीत अगरकर ने बुमराह के रिप्लेसमेंट का एलान करके मोहम्मद शमी को दिया साफ संदेश, तेज गेंदबाज का खत्म हुआ करियर?
जसप्रीत बुमराह के चोटिल होने के बाद युवा पेसर आकिब नबी को टीम में शामिल किया गया, जिससे चयनकर्ता अजीत अगरकर ने मोहम्मद शमी को साफ संदेश दिया है। ...और पढ़ें

अजीत अगरकर-मोहम्मद शमी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में सबसे अहम खिलाड़ी हैं। हालांक, लगातार चोटों ने चिंता बढ़ा दी है। बुमराह चोट की समस्या से लगातार परेशान रहते हैं, जिसका असर भारतीय टीम पर भी देखने को मिलता है। बुमराह श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से भी बाहर हो गए हैं।
बुमराह के बाहर होने के बाद उनकी जगह जम्मू-कश्मीर के युवा पेसर आकिब नबी डार को टीम में शामिल कर लिया। उन्होंने पिछले रणजी सीजन में 60 विकेट हासिल किए थे। नबी के सेलेक्शन के साथ ही मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने अनुभवी पेसर मोहम्मद शमी को साफ संदेश दिया है। नबी के चुने जाने के बाद उनके प्रदर्शन को घरेलू क्रिकेट में मेहनत का फल बता रहे हैं लेकिन शमी के बाहर होने से नाराज भी हैं।
मोहम्मद शमी को लगातार किया जा रहा है नजरअंदाज
शमी अपनी फिटनेस की वजह से कुछ समय तक क्रिकेट नहीं खेल पाए थे। हालांकि, उनको लेकर पिछले कुछ समय से विवाद भी रहे हैं। वे घरेलू क्रिकेट में लगातार मैच खेल रहे हैं लेकिन अगरकर का कहना है कि शमी पूरी फिटनेस हासिल नहीं कर सके हैं। 35 वर्षीय ने आखिरी बार भारत के लिए कोई मैच साल 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मैच खेला था। वनडे में वे आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेलते हुए दिखे थे। इसके अलावा टेस्ट में वे 2023 से ही बाहर हैं।
चयनकर्ता शमी की फिटनेस पर सवाल उठाते हैं लेकिन तेज गेंदबाज ने रणजी ट्रॉफी में कमाल की बॉलिंग की थी। उन्होंने 7 मुकाबले खेले, जिसमें 37 विकेट अपने नाम किए। उन्होंने 5 मेडन ओवर भी फेंके। हालांकि, नबी का प्रदर्शन शमी से बेहतर था क्योंकि उन्होंने 60 विकेट हासिल किए थे और इसी वजह से उन्हें टीम इंडिया में जगह मिल गई।
खबरें और भी
शमी को अगरकर ने क्या दिया संदेश?
नबी के चयन से संदेश साफ है कि शमी को अगर टेस्ट टीम में वापसी करनी है, तो उन्हें और भी मेहनत करनी होगी। घरेलू क्रिकेट में युवा गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। आने वाले समय में दलीप ट्रॉफी खेली जानी है, जिसमें शमी को शानदार गेंदबाजी करनी होगी और युवा गेंदबाजों से आगे निकलना होगा। इसके अलावा उन्हें अपनी फिटनेस पूरी तरह से साबित करनी होगी। इसके बाद ही शमी के लिए टीम इंडिया के दरवाजे खुल सकते हैं।