21 साल का सूखा खत्म करने के लिए ऑस्ट्रेलिया का मास्टर प्लान, टीम इंडिया को रहना होगा चौकन्ना
ऑस्ट्रेलियाई कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने बताया कि उनकी टीम 2027 में भारत के खिलाफ होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले कोई अभ्यास मैच नहीं खेलेगी। ...और पढ़ें

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम (फोटो: CA)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
पीटीआई, मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने कहा है कि उनकी टीम अगले वर्ष भारत के विरुद्ध होने वाली बहुचर्चित बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी टेस्ट सीरीज से पहले कोई अभ्यास मैच नहीं खेलेगी। उनका मानना है कि उपमहाद्वीप जैसी परिस्थितियों में छोटा तैयारी शिविर टीम के लिए अधिक उपयोगी साबित होगा।
पांच टेस्ट मैचों की यह बहुप्रतीक्षित सीरीज 21 जनवरी 2027 से नागपुर में शुरू होगी। मैकडोनाल्ड ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा कि हमें लगता है कि परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इसलिए हम कोई अभ्यास मैच नहीं खेलेंगे।
भारत जैसी परिस्थितियों में तैयारी करना चाहती है ऑस्ट्रेलिया
हमारा पूरा ध्यान ऐसी जगह तैयारी करने पर होगा, जहां भारत जैसी परिस्थितियां मिल सकें। उन्होंने बताया कि टीम के सामने दो विकल्प हैं। ऑस्ट्रेलिया पहले संयुक्त अरब अमीरात में भी तैयारी कर चुका है और 2023 के भारत दौरे से पहले बेंगलुरु में शिविर लगाया था। फिलहाल टीम प्रबंधन इस बात पर विचार कर रहा है कि खिलाड़ियों की तैयारी के लिए कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त रहेगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों में से जो खिलाड़ी उससे पहले न्यूजीलैंड के विरुद्ध घरेलू टेस्ट सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे, उन्हें उस दौरान बिग बैश लीग खेलने के बजाय भारत दौरे की तैयारी पर ध्यान देना होगा। रिपोर्ट के अनुसार, मैथ्यू कुहनेमैन, टॉड मर्फी, कूपर कोनोली, पीटर हैंड्सकॉम्ब और मैथ्यू रेनशॉ भारत दौरे के लिए संभावित खिलाड़ियों में शामिल हैं।
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मैकडोनाल्ड ने कहा कि न्यूजीलैंड के विरुद्ध टेस्ट सीरीज के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। भारत की परिस्थितियों के अनुरूप कुछ अलग कौशल वाले खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। इसलिए जरूरी नहीं कि न्यूजीलैंड के विरुद्ध सीरीज में शामिल टीम ही भारत दौरे पर जाए।
उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों को अतिरिक्त तैयारी की आवश्यकता होगी और इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया में ही कर दी जाएगी। साथ ही बिग बैश लीग और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन भी बनाया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने भारत में पिछली बार 2004-05 सत्र में टेस्ट सीरीज जीती थी। इसके बाद से वह भारतीय सरजमीं पर कोई टेस्ट सीरीज अपने नाम नहीं कर सका है।