T20 World Cup 2026: 11वीं आईसीसी ट्रॉफी की तलाश में ऑस्ट्रेलिया, लेकिन आसान नहीं है राह
ऑस्ट्रेलियाई टीम आगामी टी-20 विश्व कप में अपनी 11वीं आईसीसी ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य लेकर उतर रही है। मिचेल मार्श की कप्तानी में टीम ग्रुप बी में श्रीलं ...और पढ़ें
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मिचेल मार्श करेंगे ऑस्ट्रेलिया की कप्तानी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली: छह बार वनडे विश्व कप, दो चैंपियंस ट्रॉफी, एक टी-20 विश्व कप और एक बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीत चुकी ऑस्ट्रेलियाई टीम जब भी आईसीसी के टूर्नामेंट में उतरती है तो उसका खेल और आक्रामक दिखता है। सात फरवरी से शुरू हो रहे टी-20 विश्व कप में मिचेल मार्श की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम की नजरें अपनी 11वीं आईसीसी ट्रॉफी पर होंगी।
इस टीम में किसी भी समय खिलाड़ी चाहे जो भी रहे हों यह लगातार विश्व विजेता बनती रही है। यह है इस प्रारूप में 2021 की विजेता ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप बी में श्रीलंका, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान के साथ रखा गया है। दूसरी टीमों के नाम ही बता रहे हैं कि इस टीम को अगले दौर में पहुंचने में कुछ खासी दिक्कत नहीं होने वाली है।
विरोधी हैं वाकिफ
विरोधी टीमें इस बात से अच्छी तरह परिचित हैं कि ऑस्ट्रेलिया किसी भी बड़े टूर्नामेंट के नॉकआउट दौर में किस तरह की टीम बन जाती है, तब उससे पार पाना मुश्किल हो जाता है। ऑस्ट्रेलिया की इस बार टी-20 विश्वकप के लिए कमान मिचेल मार्श को दी गई है। भारत को घर में 2023 का वनडे विश्वकप हराकर दर्शकों को शांत करने वाले पैट कमिंस के चोटिल होने के चलते मार्श को यह जिम्मेदारी मिली है।
हालांकि मार्श भी कुछ कम नहीं हैं। 83 मैच खेल चुके मार्श ने 32.3के औसत और करीब 140 के स्ट्राइक रेट से 2102 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक लगाया है और 11 अर्धशतक जड़े हैं। टीम के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज ट्रेविस हेड की काबिलियत को कौन नहीं जानता, वह अगर चल जाएं तो अकेले दम पर ही किसी भी मैच को जिता सकते हैं। 49 टी-20 मुकाबलों में ही वह करीब 157 के जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 1224 रन बना चुके हैं। इसमें उन्होंने 57 छक्के लगाए हैं।
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हाल ही में मिली है हार
ऑस्ट्रेलिया के लिए सबकुछ ठीक है, बजाय इसके कि अभी हाल ही में उसने पाकिस्तान की धरती पर लाहौर में खेले सीरीज के तीनों टी-20 मुकाबलों में पाक टीम से मुंह की खानी पड़ी। अंतिम मुकाबले में तो ऑस्ट्रेलिया को 111 रन से बड़ी शिकस्त झेलनी पड़ी। ऐसे में विश्वकप से पहले टीम का मनोबल कमजोर जरूर हुआ होगा, लेकिन इतिहास साक्षी है कि ऑस्ट्रेलिया किसी भी परिस्थिति में बड़े टूर्नामेंट में पहुंची हो, उसने हमेशा अच्छा ही प्रदर्शन किया है।
घर पर श्रीलंका को मिलेगी बढ़त
वर्ष 2014 में भारत को हराकर टी-20 विश्व कप में चैंपियन बनी श्रीलंका की टीम इस बार टूर्नामेंट की सह मेजबान होने के चलते घरेलू परिस्थितियों को लाभ लेकर ट्रॉफी जीतने के लिए बेताब होगी। दासुन शनाका की अगुवाई वाली यह टीम टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन कर अपने बादशाहत के उन दिनों में लौटना चाहेगी, जब यह टीम हर बड़े आईसीसी खिताब के फाइनल या सेमीफाइनल तक का सफर करती थी।
हालांकि 2011 में भारत से वनडे विश्वकप का फाइनल हारने के बाद 2014 में टी-20 विश्व कप में इसका बदला चुकाता कर चुकी इस टीम में अब धार नजर नहीं आती, इसका ताजा उदाहण हाल ही में श्रीलंका में इंग्लैंड से चल रही टी-20 सीरीज है, जहां मेहमान टीम श्रीलंका को पहले दोनों टी-20 मैचों में आसानी से शिकस्त दे चुकी है।
उलटफेर करने में सक्षम जिम्बाब्वे और आयरलैंड
आस्ट्रेलिया और श्रीलंका के अलावा आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान को भी कम नहीं आंका जा सकता है। 2022 विश्व कप में जिम्बाब्वे ने ग्रुप बी में शीर्ष पर रहते हुए सुपर-12 में जगह बनाई थी। इसके अलावा उसने सुपर-12 में पाकिस्तान को भी एक रन से पटखनी दी थी। ऐसे में इस प्रारूप में जिम्बाब्वे को भी कम नहीं आंका जा सकता है। आयरलैंड की टीम भी 2009 में टूर्नामेंट के सुपर-8 में पहुंच चुकी है।
आयरलैंड के कप्तान पाल स्टर्लिंग किसी भी बड़ी टीम के खिलाड़ी की तरह मंझे हुए बल्लेबाज हैं, वह 161 टी-20 मुकाबलों में 135 के स्ट्राइक रेट से 3888 रन बना चुके हैं। वहीं ओमान भी टूर्नामेंट में तीन बार हिस्सा ले चुका है, ऐसे में इस टीम को अनुभवहीन समझने की गलती कोई भी टीम नहीं करना चाहेगी।
ग्रुप बी : आस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान
आस्ट्रेलिया : मिचेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, कैमरन ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू रेनशा, मार्कस स्टोइनिस, एडम जांपा।
श्रीलंका टीम : दासुन शनाका (कप्तान), पाथुम निसांका, कामिल मिश्रा, कुसल मेंडिस, कुसल परेरा, चरित असलंका, कामिंदु मेंडिस, जानिथ लियानागे, पवन रत्नायके, दुनीथ वेलालागे, वानिंदु हसरंगा, महेश तीक्ष्णा, दुष्मंथा चमीरा, मथीशा पथिराना और एहसान मलिगा।
आयरलैंड : पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), मार्क एडायर, रास एडायर, बेन कैलिट्ज, कर्टिस कैम्फर, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, मैथ्यू हम्फ्रीज, जोश लिटिल, बैरी मैकार्थी, हैरी टेक्टर, टिम टेक्टर, लोरकान टकर, बेन व्हाइट, क्रेग यंग।
ओमान: जतिंदर सिंह (कप्तान), विनायक शुक्ला, मोहम्मद नदीम, शकील अहमद, हम्माद मिर्जा, वसीम अली, करण सोनावले, शाह फैसल, नदीम खान, सुफयान महमूद, जय ओडेदरा, शफीक जान, आशीष ओडेदरा, जितेन रामानंदी, हसनैन अली शाह।
जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, ब्रैडली इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड नगारवा, ब्रेंडन टेलर।
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