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दिल्ली प्रीमियर लीग में 'फर्जीवाड़ा'? बिना नीलामी टीम में घुसा खिलाड़ी, DDCA पर उठे सवाल

By Lokesh SharmaEdited By: Praveen Kumar Mishra
Updated: Wed, 26 Aug 2026 07:18 PM (IST)

दिल्ली प्रीमियर लीग में देव चौधरी को बिना नीलामी टीम में शामिल करने पर विवाद गहरा गया है, जिससे डीडीसीए की चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं।

दिल्ली प्रीमियर लीग

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) में देव चौधरी को लेकर उठे विवाद ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की चयन प्रक्रिया और नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले के सामने आने के बाद डीडीसीए ने उस नियम की समीक्षा का फैसला किया है, जिसके तहत प्रत्येक फ्रेंचाइजी नीलामी के बाद दिल्ली लीग से अपनी पसंद के तीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल कर सकती थी। इसके लिए खिलाड़ी का डीडीसीए लीग में कम से कम पांच मैच खेलना जरूरी था।

विवादित खिलाड़ी देव चौधरी को न्यू दिल्ली टाइगर्स ने टीम में शामिल किया। आठ टीमों की लीग में 10 मुकाबलों में सिर्फ एक जीत के साथ टीम तालिका में अंतिम स्थान पर है। देव को दो मैचों में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतारा गया। साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज के खिलाफ वह दो गेंद में शून्य पर आउट हुए, जबकि वेस्ट दिल्ली लायंस के खिलाफ 24 गेंद में 16 रन बना सके। इस मैच में उनकी बल्लेबाजी शैली और पावरप्ले में स्पिनर के खिलाफ लगातार पांच डाट गेंद खेलने को लेकर सवाल उठे।

श्याम शर्मा ने किया था नियम का विरोध

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नीलामी से बाहर खिलाड़ी को चुनने का आधार क्या था? डीडीसीए एपेक्स काउंसिल के सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने इस नियम का विरोध करते हुए पहले ही आशंका जताई थी कि महज पांच लीग मैच खेलने की शर्त का दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने कहा कि देव चौधरी का मामला सामने आ गया, लेकिन सिफारिश के आधार पर कई अन्य खिलाड़ियों के टीमों में पहुंचने की आशंका भी है।

देव चौधरी का प्रदर्शन क्लब क्रिकेट में भी निराशाजनक

देव की क्रिकेटिंग साख को लेकर भी सवाल हैं। बताया गया कि उन्होंने कभी दिल्ली अंडर-19 ट्रायल में हिस्सा लिया था। एक क्लब सूत्र के मुताबिक वह स्पोर्टिंग क्लब के लिए कुछ लीग मैच खेले थे, लेकिन प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था और उन्हें आगे नहीं बुलाया गया। डीपीएल टीम न्यू दिल्ली टाइगर्स के कोच द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता राजकुमार शर्मा हैं। डीडीसीए के सचिव अशोक शर्मा ने कहा कि टूर्नामेंट खत्म होने के बाद नियम की समीक्षा की जाएगी।

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