न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीकी की राह में अफगान चुनौती, आज तक टी-20 विश्व कप नहीं जीत पाई दोनों टीम
न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका 2007 से टी20 विश्व कप में खेल रहे हैं और अब तक इन दोनों टीमों को अपनी पहली टी-20 विश्व कप ट्रॉफी का इंतजार है। वहीं अफगा ...और पढ़ें

7 फरवरी से होगा आगाज
HighLights
7 फरवरी से शुरू हो रहा है विश्व कप
8 मार्च को खेला जाएगा फाइनल मैच
ग्रुप डी में हैं 3 बहुत तगड़ी टीम
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली : टी-20 विश्व कप 2026 में अगर ग्रुप डी को 'ग्रुप ऑफ डेथ' कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि अगर बाकी ग्रुप की तुलना में ग्रुप डी को देखें तो मौजूदा समय में टी-20 क्रिकेट की तीन मजबूत टीमें न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान इसमें हैं। कनाडा और यूएई भी इस ग्रुप में हैं, लेकिन असली टक्कर तो इन्हीं तीन टीमों के बीच होगी।
न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका 2007 से इस वैश्विक टूर्नामेंट में खेल रहे हैं और अब तक इन दोनों टीमों को अपनी पहली टी-20 विश्व कप ट्रॉफी का इंतजार है। वहीं अफगानिस्तान ने 2010 में टी-20 विश्व कप में पदार्पण किया और तब से वह लगातार इस टूर्नामेंट में खेल रही है। अफगानिस्तान ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और पिछले संस्करण में वह सेमीफाइनल तक पहुंची थी। प्रत्येक ग्रुप से केवल दो शीर्ष टीमें ही सुपर 8 में पहुंचेंगी, इसलिए इस ग्रुप की भिड़ंत सबसे रोमांचक होने वाली है।
कीवियों के पास बढ़त
न्यूजीलैंड की टीम पिछले दो महीने से भारत में है और इसका फायदा उसे टूर्नामेंट में मिलेगा। हाल ही में भारत से 1-4 से सीरीज गंवाने के बावजूद न्यूजीलैंड की टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। ये टीम बड़े टूर्नामेंट में अलग ही होती है। न्यूजीलैंड की टीम 2021 टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी।
पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल खेलने वाली न्यूजीलैंड की टीम अपने अभियान की शुरुआत आठ फरवरी को अफगानिस्तान के विरुद्ध करेगी। न्यूजीलैंड के पास संतुलित टीम है। बल्लेबाजी में डेवोन कान्वे, फिन एलन और रचिन रवींद्र, टिम साइफर्ट शीर्षक्रम की जिम्मेदारी संभाली थी। मध्यक्रम में डेरिल मिशेल, माइकल ब्रेसवेल और ग्लेन फिलिप्स हैं। फिलिप्स टीम के फिनिशर हैं।
वह टी-20 में न्यूजीलैंड के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। उनका स्ट्राइक रेट 142.17 है। टीम का ऑलराउंड विभाग भी आत्मविश्वास से भरा है। ब्रेसवेल और फिलिप्स, जो दोनों स्पिन गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं, के अलावा अनुभवी जिमी नीशम भी हैं। सैंटनर एक और बेहतरीन गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण जैकब डफी, काइल जैमीसन और मैट हेनरी संभालेंगे। ये टीम सेमीफाइनल में पहुंचने का दम रखती है।
पिछली हार की टीस दूर करेंगे उतरेंगे प्रोटियाज
2024 टी-20 विश्व कप में फाइनल तक पहुंचने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम भारत से मिली हार की टीस को दूर करने उतरेगी। हालांकि वार्म अप मैच में उसे भारत ने 30 रन से हराया, लेकिन तब भी उसके बल्लेबाजों ने 200 से ज्यादा रन बनाए। अगर इस टीम को देखें तो ये टीम खिताब की प्रबल दावेदार है। टीम के सभी खिलाड़ी हाल ही में एसए20 खेलकर यहां पहुंचे हैं। एडेन मार्करैम की कप्तानी में ये टीम खतरनाक साबित हो सकती है।
एबी बेबी के नाम से मशूहर डेवाल्ड ब्रेविस ने एसए20 में खूब रन कूटे हैं, जबकि इसके पास डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे फिनिशर हैं। रियान रिकल्टन, क्विंटन डिकाक और जार्ज लिंडे जैसे बल्लेबाज हैं। तेज गेंदबाजी में कैगिसो रबादा, एनरिक नोत्र्जे और तीनों प्रारूपों के सर्वश्रेष्ठ आलआउंडर मार्को जेनसेन हैं। कागजों पर टीम काफी मजबूत है, लेकिन उसे बड़े मुकाबलों में जीतना सीखना होगा।
जाइंट किलर है अफगानिस्तान
अफगानिस्तानी टीम बड़े उलटफेर करने में माहिर है। वनडे विश्व कप में इंग्लैंड और श्रीलंका को हराने वाली इस टीम ने पिछले टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड को हराकर ग्रुप चरण से ही बाहर कर दिया था। इसके बाद सुपर-8 मुकाबले में अफगानिस्तान ने आस्ट्रेलिया और बांग्लादेश को पटखनी देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
सेमीफाइनल में उसे दक्षिण अफ्रीका ने हराया था, लिहाजा इस बार राशिद खान की कप्तानी वाली ये टीम उस हार का हिसाब चुकता करने उतरेगी। अफगानिस्तान की टीम में नवीन उल हक वापसी कर रहे हैं, जबकि रहमानुल्लाह गुरबाज टीम की सबसे बड़ी उम्मीद होंगे। मुजीब उर रहमाम और राशिद की स्पिन जोड़ी से पार पाना आसान नहीं होगा।
यूएई और कनाडा के पास भी मौका
इस ग्रुप में शामिल यूएई और कनाडा के पास भी अपनी छाप छोड़ने का मौका होगा। भारत को 2007 में टी-20 विश्व चैंपियन बनाने वाले लालचंद राजपूत की कोचिंग में यूएई की टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। 2010 में टी-20 विश्व कप में पदार्पण करने वाली यूएई की टीम तीसरी बार इस वैश्विक टूर्नामेंट में खेलेगी। कनाडा की टीम लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट में खेलेगी। इन दोनों टीमों की विशेषता है इसके भारतीय मूल के खिलाड़ी। कनाडा में 11 तो यूएई की टीम में नौ भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं।
ग्रुप डी : न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान, यूएई, कनाडा
न्यूजीलैंड : मिशेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलेन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कान्वे, जैकब डफी, लाकी फग्र्यूसन, मैट हेनरी, काइल जेमीसन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम साइफर्ड, ईश सोढी।
दक्षिण अफ्रीका : एडेन मार्करैम (कप्तान), कार्बिन बाश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डिकाक, मार्को जेनसेन, जार्ज लिंडे, केशव महाराज, क्वेना मफाका, डेविड मिलर, लुंगी नगिदी, कैगिसो रबादा, रयान रिकल्टन, जेसन स्मिथ, ट्रिस्टन स्टब्स, एनरिक नोत्र्जे।
अफगानिस्तान : राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, अब्दुल्ला अहमदजई, सेदिकुल्ला अटल, फजलहक फरूकी, रहमानुल्लाह गुरबाज, नवीन उल हक, मोहम्मद इशाक, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नैब, अजमतुल्लाह ओमरजई, मुजीब उर रहमान, दार्विश रसूली, इब्राहिम जादरान।
कनाडा : दिलप्रीत बाजवा (कप्तान), अजयवीर हुंडल, अंश पटेल, डिलन हेलिगर, हर्ष ठाकेर, जसकरनदीप भुत्तर, कलीम सना, कंवरपाल ताथगुर, नवनीत धालीवाल, निकोलस क्रिटन, रवींद्रपाल सिंह, साद बिन जफर, शिवम शर्मा, श्रेयस मोव्वा।
यूएई : मोहम्मद वसीम (कप्तान), अलीशान शराफू, आर्यांश शर्मा, ध्रुव पराशर, हैदर अली, हर्षित कौशिक, जुनैद सिद्दीकी, मयंक कुमार, मोहम्मद अरफान, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद जवादुल्लाह, मोहम्मद जोहेब, रोशिद खान, शोएब खान, सिमरनजीत सिंह।
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