IND vs ENG: पिच पढ़ने में गलती कर गए गौतम गंभीर और गिल, भुगतना पड़ा खामियाजा!
भारत बनाम इंग्लैंड के तीसरे मैच में शुभमन गिल और गौतम गंभीर ने पिच को समझने में गलती की, जिससे कुलदीप यादव को बाहर बैठना पड़ा। इस रणनीतिक चूक के कारण ...और पढ़ें

गौतम गंभीर औरशुभमन गिल ने कर दी गलती

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट में पिच काफी कुछ तय कर देती है। पिच को देखने के बाद ही टीमें अपनी अंतिम-11 चुनती है। संयोजन पिच को देखकर बनाए जाते हैं। लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे और आखिरी मैच में टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर यही गलती कर बैठे।
गिल और गंभीर अगर पिच को अच्छे से पढ़ लेते तो एक खिलाड़ी को बाहर नहीं रखते क्योंकि अगर ये शख्स टीम में होता तो नतीजा कुछ और भी हो सकता था। टीम इंडिया उप-विजेता की बजाए विजेता बन जाती।
ये है वो गलती
टीम इंडिया जब बल्लेबाजी कर रही थी तब पिच धीमी थी और यही कारण रहा कि सैम करने ने अपनी स्लोअर गेंदों से आखिरी के ओवरों में अहम विकेट निकालकर भारत को परेशान किया। पिच को देखते हुए कप्तान हैरी ब्रूक ने अपन पार्ट टाइम स्पिनर जैकब बैथल को मौका दिया और वह रोहित शर्मा का विकेट ले गए। विल जैक्स ने भी स्पिन की और इंग्लैंड के पास आदिल रशीद थे ही जिन्होंने भारत को पहला झटका दिया। यानी इंग्लैंड ने पिच को भांप लिया था और वह जानती थी कि यहां स्पिनर कितना बड़ा रोल निभाएंगे।
यहीं भारत गलती कर गया। भारत ने अपने मुख्य स्पिनर कुलदीप यादव को ही बाहर रखा। टीम सिर्फ एक स्पिनर लेकर उतरी थी और वो थे अक्षर पटेल। यहां अगर कुलदीप यादव होते तो संभवतः मध्य के ओवरों में विकेट निकाल सकते थे जिससे टीम को फायदा होता। कप्तान गिल ने मैच के बाद कहा कि दूसरी पारी के दौरान पिच धीमी हो गई थी। यही बात वह पहले समझ लेते तो टीम में एक और स्पिनर ले आते। फिर चाहे पहले बल्लेबाजी करते या बाद में फायदा कहीं न कहीं मिलता ही।
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कुलदीप के साथ किया अन्याय
इस पूरी सीरीज में टीम ने कुलदीप को नहीं खिलाया। वह इस समय भारत के बेस्ट स्पिनर माने जाते हैं और उनका न खेलना हैरानी भरा था। कुलदीप अगर टीम में होते तो भारत को बीच के ओवरों में रन रोकने और विकेट लेने में मदद मिलती। टीम मैनेजमेंट ने उनकी तरजीह नहीं दी और ये पहली बार नहीं है। ऐसा पहले भी देखा गया है। अगर टीम इंडिया इसी तरह कुलदीप को नजरअंदाज करती रही तो नुकसान भी इसी तरह से उठाना पड़ेगा।