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IND vs SL: टीम इंडिया के लिए आसान नहीं होगा SSC पर जीत दर्ज करना, बल्‍लेबाजी में बन सकते हैं बड़े रिकॉर्ड

By Abhishek TripathiEdited By: Abhishek Nigam
Updated: Fri, 21 Aug 2026 05:00 AM (IST)

भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा व अंतिम टेस्‍ट मैच कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेला जाएगा। भारतीय टीम की कोशिश मेजबान का क्‍लीन स्‍वीप करने की होगी।

भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्‍ट कोलंबो में खेला जाएगा

भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्‍ट कोलंबो में खेला जाएगा

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संक्षेप में पढ़ें

अभिषेक त्रिपाठी, जागरण कोलंबो। भारतीय टीम श्रीलंका के ऐतिहासिक दक्षिणीय तटीय शहर गॉल से दो घंटे की दूरी में पश्चिमी तट पर स्थित यहां की राजधानी कोलंबो पहुंच चुकी है।

गॉल फोर्ट के पास छोटे-छोटे कैफे वाले शांत और धीमे शहर में रात में चहलकदमी करते हुए दिखने वाले भारतीय क्रिकेटरों को ऊंची इमारतों, नाइटलाइफ और बड़े-बड़े माल वाली श्रीलंका की व्यस्त कमर्शियल राजधानी में अब दूसरी जीत की तलाश करनी होगी।

पहला मैच 165 रन से जीतने वाली भारतीय टीम के लिए डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचने का रास्ता काफी कठिन है और उसे गॉल से पूरी तरह अलग ड्रॉ मैचों के लिए मशहूर सिंहलीज स्पोट्र्स क्लब मैदान (एसएससी) में मेजबानी टीम के विरुद्ध कुछ अलग करना होगा।

बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग

गॉल की पिच पर स्पिनरों को अच्छी खासी मदद मिली थी और वहां मानव सुथार ने 10 विकेट लिए थे जबकि एसएससी की पिच को बल्लेबाजी के लिए स्वर्ग माना जाता था। एससीसी में एक जैसे बाउंस के कारण बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत मिलती है।
समय बीतने के बावजूद पिच ज्यादा खराब नहीं होती और बड़े-बड़े स्कोर बनते हैं। भारत ने 2017 में यहां अपने पिछले मैच में 622 रन बनाकर पारी घोषित की थी। भारत ने वह मैच पारी व 53 रन से जीता था।

एससीसी में भारत का प्रदर्शन

भारत के लिए एससीसी का मैदान ड्रॉ की जमीन में तब्दील हो चुका है। उसने यहां नौ टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें तीन जीते, दो हारे हैं और चार ड्रॉ हुए हैं। भारत ने 2010 में यहां पारी में 707 रन भी बना हैं। एससीसी में कुल 46 टेस्ट हुए हैं जिसमें 14 ड्रॉ हुए हैं।

कोलंबो में ही ऐतिहासिक पी.सारा और आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम भी है। अब प्रेमदासा स्टेडियम में वनडे और टी-20 ज्यादा खेले जाते हैं, लेकिन उस स्टेडियम में 1997 में हुए टेस्ट में भारत ने आठ विकेट पर 537 रनों पर पारी घोषित की थी जिसके जवाब में श्रीलंका ने छह विकेट पर 952 रन पर पारी घोषित की थी।

जीत दर्ज करना मुश्किल

यह किसी टेस्ट पारी में बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है। सनत जयसूर्या (340) और रोशन महानामा (225) ने दूसरे विकेट के लिए 576 रनों की विशालकाय साझेदारी की थी। यह मैं आपको इसलिए बता रहा हूं क्योंकि भारत को डब्ल्यूटीसी फाइनल में जीत चाहिए और ऐसी पाटा पिच में उसे हासिल करना काफी मुश्किल होगा।

ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल को विशेष रणनीति बनानी होगी। टीम शुक्रवार को यहां अभ्यास करेगी और उसके बाद पता चलेगा कि वह किसी संयोजन के साथ यहां उतरेगी।

डब्ल्यूटीसी का रास्ता

गॉल में जीत से भारत का जीत का प्रतिशत 48.15 से बढ़कर 53.33 हो गया है लेकिन फाइनल में पहुंचने के लिए उसे अभी भी बहुत काम करना है। डार्विन में बांग्लादेश के विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया की चौंकाने वाली हार ने डब्ल्यूटीसी अंक तालिका को खोलकर रख दिया है।

अब ऑस्ट्रेलिया का भी फाइनल में पहुंचना पूरी तरह पक्का नहीं है। वे अभी भी तालिका में शीर्ष पर हैं, लेकिन उनका जीत का प्रतिशत गिरा है। दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड उसके ठीक पीछे हैं। गॉल की जीत के बाद भारतीय टीम रेस में बनी हुई है।

भारत के पास मौका

अगले डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले कुल 36 टेस्ट मैच खेले जाने हैं जिसमें भारत को आठ खेलने हैं। पिछले डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंची टीमों में दक्षिण अफ्रीका का जीत का प्रतिशत 69.44 और ऑस्ट्रेलिया का 67.54 रहा था।

अगर भारत बचे आठ में से छह मैच जीतता और दो हारता है तो उसका जीत का प्रतिशत 62.96 हो जाएगा। सात जीत और एक हार के बाद यह 68.52% रहेगा।

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