Norway Chess: भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे गुकेश-प्रगनानंद, नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन भी हिस्सा लेंगे
विश्व चैंपियन डी गुकेश सोमवार से शुरू हो रहे प्रतिष्ठित नार्वे शतरंज टूर्नामेंट के जरिए विश्व चैंपियनशिप में खिताब की रक्षा के अपने अभियान से पहले लय ...और पढ़ें

डी गुकेश- इमेज: साई
ओस्लो, पीटीआई। विश्व चैंपियन डी गुकेश सोमवार से शुरू हो रहे प्रतिष्ठित नार्वे शतरंज टूर्नामेंट के जरिए विश्व चैंपियनशिप में खिताब की रक्षा के अपने अभियान से पहले लय हासिल करने के इरादे से उतरेंगे, जबकि एलीट खिलाड़ियों की मौजूदगी में उनके धैर्य और कौशल की परीक्षा होगी। टूर्नामेंट में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन भी हिस्सा ले रहे हैं।
गुकेश और आर प्रगनानंद की मौजूदगी में भारतीय दल टूर्नामेंट में खिताब के अपने सूखे को खत्म करने की कोशिश करेगा। प्रतियोगिता के ओपन और महिला वर्ग में दुनिया के छह सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगे। प्रतियोगिता में चार खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। गुकेश और प्रगनानंद ओपन वर्ग में शिरकत करेंगे तो वहीं महिला वर्ग में कोनेरू हंपी और विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख हिस्सा लेंगी।
हालांकि, भारतीय खिलाड़ियों के लिए चुनौती आसान नहीं होगी। ओपन वर्ग में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कार्लसन के अलावा फ्रांस के स्टार अलीरेज फिरोजा, जर्मनी के विन्सेंट कीमर और अमेरिका के अनुभवी वेस्ली सो जैसे दिग्गज भी हिस्सा ले रहे हैं। महिलाओं के वर्ग में पांच बार की विश्व चैंपियन जू वेनजुन, गत चैंपियन अन्ना मुजिचुक, गत विश्व ब्लिट्ज चैंपियन बिबिसारा असााउबायेवा और चीन की उभरती हुई स्टार झू जिनर से हंपी और दिव्या को कड़ी चुनौती मिलेगी।
गुकेश इस टूर्नामेंट में उम्मीदों के भारी बोझ के साथ उतरे हैं। उन्हें उस खिलाड़ी के तौर पर देखा जा रहा है जो नार्वे शतरंज पर कार्लसन की मजबूत पकड़ को चुनौती दे सकता है। स्थानीय खिालड़ी कार्लसन यहां सात बार के चैंपियन हैं। गुकेश के लिए मौजूदा सत्र औसत प्रदर्शन वाला रहा है। यह भारतीय इस प्रतियोगिता को इस साल के आखिर में चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के विरुद्ध अपने विश्व चैंपियनशिप खिताब के बचाव की तैयारी के तौर पर देखेगा।