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    कैंडिडेट्स चेस टूर्नामेंट में एकमात्र भारतीय प्रगनानंद को कड़ी चुनौती का करना होगा सामना

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 11:44 PM (IST)

    ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंद को कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस टूर्नामेंट का विजेता इस साल के आखिर में विश्व चैंपिय ...और पढ़ें

    आर प्रगनानंद

    आर प्रगनानंद

    HighLights

    1. प्रगनानंद को कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती मिलेगी

    2. विजेता विश्व चैंपियन डी गुकेश को चुनौती देगा

    3. फैबियानो कारुआना और हिकारू नाकामुरा प्रबल दावेदार

    पीटीआई, पाफोस (साइप्रस)। आठ खिलाड़ियों की एलीट प्रतियोगिता के ओपन वर्ग में भाग ले रहे एकमात्र भारतीय खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंद को रविवार से शुरू होने वाले कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। इस टूर्नामेंट का विजेता खिलाड़ी इस साल के आखिर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश का सामना करेगा।

    इस टूर्नामेंट में आठ खिलाड़ी भाग ले रहे हैं जो डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में प्रतिस्पर्धा करेंगे। प्रत्येक खिलाड़ी अन्य सभी प्रतिभागियों का दो बार सामना करेगा और सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विश्व चैंपियन बनने के लिए गुकेश को चुनौती देने का अधिकार हासिल करेगा। हाल के प्रदर्शन को देखते हुए अमेरिकी ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारुआना प्रबल दावेदार नजर आते हैं लेकिन उनके हमवतन हिकारू नाकामुरा का दावा भी मजबूत है जिन्होंने अपनी रेटिंग के आधार पर क्वालीफाई किया है।

    नीदरलैंड्स के ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी भी अच्छी फॉर्म में

    नीदरलैंड्स के ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी भी अच्छी फॉर्म में हैं और उन पर नजर रखने की जरूरत है। अगर उनकी लय कायम रहती है, तो वह मजबूत दावेदार साबित होंगे। चीन के वेई यी, उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव तथा एंड्री एसेपेंको और मैथियास ब्लूबाउम अन्य चार खिलाड़ी हैं जो इस टूर्नामेंट में भाग ले रहे हैं। प्रगनानंद के लिए कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारी पूरी तरह से आसान नहीं रही है। हालांकि लंबे और सुनियोजित अवकाश के बाद यह भारतीय खिलाड़ी तरोताजा महसूस कर रहा होगा।

    फरवरी में टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट के बाद से इस युवा ग्रैंडमास्टर ने कोई भी टूर्नामेंट नहीं खेला है और इसके बजाय उन्होंने अपनी टीम के साथ इस प्रतियोगिता की तैयारी की। कैंडिडेट्स के लिए क्वालीफाई करने के बाद प्रगनानंद की फार्म में गिरावट देखी गई, जो इस वर्ष की शुरुआत में टाटा स्टील मास्टर्स में भी जारी रही। भारतीय खिलाड़ी को अगर विश्व चैंपियनशिप में दो भारतीयों के बीच मुकाबला तय करना है तो उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

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    सिंदारोव भी प्रबल दावेदार

    इस प्रतियोगिता के अप्रत्याशित दावेदार सबसे युवा प्रतिभागी सिंदारोव हैं, जिन्होंने पिछले साल गोवा में शतरंज विश्व कप जीतकर सबको चौंका दिया था। महिला वर्ग में चीन की पूर्व महिला विश्व चैंपियन टैन झोंगयी मजबूत दावेदार हैं लेकिन उनके लिए भी चुनौती आसान नहीं होगी। सुरक्षा कारणों से दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन कोनेरू हंपी के नाम वापस लेने के बाद पिछले साल की नार्वे शतरंज की विजेता अन्ना मुजिचुक ने भारतीय खिलाड़ी का स्थान लिया है। भारतीय खिलाड़ियों में सबकी निगाहें दिव्या देशमुख पर होंगी, जिन्होंने 2025 में महिला विश्व कप जीता था।

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