पाकिस्तान ने फिर कराई फजीहत, बाबर आजम-रिजवान को लगा चूना; पोंजी स्कीम का हुए शिकार
पाकिस्तानी क्रिकेटर बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी समेत कई क्रिकेटस करोड़ों की ठीक का शिकार हो गए हैं। पूरा मामला पोंजी स् ...और पढ़ें

बाबर-रिजवान को हुआ नुकसान।
HighLights
बीबीएल से बाहर हुए बाबर आजम
बाबर का नहीं चल रहा था बल्ला
कई क्रिकेटर्स हुए स्कीम का शिकार
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बाबर आजम, मोहम्मद रिजवान और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी समेत कई क्रिकेटस करोड़ों की ठीक का शिकार हो गए हैं। पूरा मामला पोंजी स्कीम से जुड़ा हुआ है। मामला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के संज्ञान में आ चुका है और बोर्ड ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
स्कीम में निवेश की रकम
फखर जमान, शादाब खान और अन्य सहित लगभग एक दर्जन मौजूदा खिलाड़ियों ने एक पूर्व टेस्ट कप्तान के साथ बड़ी रकम निवेश की थी, जो अब देश छोड़कर जा चुका है। बाबर आजम, रिजवान और शाहीन अफरीदी ने एक पूर्व क्रिकेटर के कहने पर निवेश किया था। शुरुआत में पाकिस्तान सुपर लीग की कुछ फ्रेंचाइजी को स्पॉन्सर करने वाले इस कारोबारी ने पहले कुछ महीनों तक खिलाड़ियों को मुनाफे का भुगतान किया, लेकिन अब अचानक उन्हें पैसा मिलना बंद हो गया।
पैसा नहीं होगा वापस
जब पीड़ित खिलाड़ियों ने उससे संपर्क किया, कारोबारी ने कथित तौर पर दावा किया कि उसे खिलाड़ियों और खुद के निवेश सहित भारी नुकसान हुआ है और वह पैसा वापस करने में असमर्थ है। इसके बाद उसने फोन और मैसेज का जवाब देना भी बंद कर दिया और देश छोड़कर चला गया। बताया जा रहा है कि इन खिलाड़ियों ने सिर्फ अपना नहीं बल्कि रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों का भी पैसा निवेश किया था। बताया जा रहा है कि ये रकम 100 करोड़ पाकिस्तानी रुपए तक है।
सूत्रों के अनुसार, कई खिलाड़ियों ने न केवल अपनी निजी बचत बल्कि रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों का पैसा भी निवेश किया था। उन्होंने कहा, "यह मूल रूप से एक पोंजी स्कीम थी जो विफल हो गई। अब इन खिलाड़ियों को लाखों रुपये खोने का खतरा है।"
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क्या होती है पोंजी स्कीम
बात करें पोंजी स्कीम की तो यह एक धोखाधड़ी वाली निवेश योजना होती है। इसमें लोगों को ज्यादा फायदे का लालच दिया जाता है, लेकिन असल में कोई बिजनेस नहीं होता है। इसमें नए इन्वेस्टर के पैसों से पुराने इन्वेस्टर्स को रिटर्न दिया जाता है। जब नए लोग आना बंद हो जाते हैं तो स्कीम खत्म हो जाती है और इन्वेस्टर का पैसा डूब जाता है।