PSL मतलब घाटे का सौदा! एक महीने बाद ही बेचनी पड़ी नई फ्रेंचाइजी, मालिक को नहीं दिखा कोई फायदा?
पाकिस्तान सुपर लीग की नई फ्रेंचाइजी सियालकोट स्टैलियंज ऑक्शन के एक महीने बाद ही फिर से बिक गई है। टीम के 98 प्रतिशत शेयर बिक गए हैं। इसके बाद अब पीएसए ...और पढ़ें

पाकिस्तान सुपर लीग
HighLights
पाकिस्तान सुपर लीग में दो नई टीमें शामिल हुईं थी
सियालकोट नीलामी में 185 करोड़ में बिकी थी
अब सियालकोट को नए मालिक मिल चुके हैं
पीटीआई, कराची। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में पिछले महीने 185 करोड़ रुपये में खरीदी गई नई फ्रेंचाइजी सियालकोट स्टैलियंज शेयरों की बिक्री को लेकर विवाद और कुछ मालिकों की वित्तीय पृष्ठभूमि पर उठे सवालों के बाद एक बार फिर बिक गई है। पीएसएल के 11वें सत्र के शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को इस मामले में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
पिछले महीने हुई नीलामी में ओजेड समूह ने सियालकोट फ्रेंचाइजी के अधिकार हासिल किए थे लेकिन इसके तुरंत बाद नए मालिकों की वित्तीय स्थिति को लेकर सवाल खड़े होने लगे। स्थिति तब और जटिल हो गई जब कुछ साझेदारों ने 98 प्रतिशत हिस्सेदारी आस्ट्रेलिया की एक कंपनी को बेच दी।
सियालकोट की हिस्सेदारी
हालांकि अमेरिका स्थित व्यवसायी और प्रमुख मालिकों में शामिल मोहम्मद शाहिद ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, जिसके बाद आस्ट्रेलियाई समूह ने यह सौदा रद कर दिया। सियालकोट फ्रेंचाइजी की 98 प्रतिशत हिस्सेदारी अब सीडी वेंचर्स ने खरीद ली है। यह वही कंपनी है जिसने पहले मुल्तान सुल्तान की फ्रेंचाइजी के लिए नीलामी में भाग लिया था और 235 करोड़ रुपये की अंतिम बोली लगाई थी।
मुल्तान सुल्तांस का बदला नाम
मुल्तान सुल्तांस की बात करें, तो इस टीम को नीलामी में 245 करोड़ में वाली टेक्नोलॉजीज ने खरीदा है। उन्होंने अब इस टीम का नाम बदलकर रावलपिंडी कर दिया है। सियालकोट के दोबारा बेचे जाने के बाद अब क्रिकेट प्रशंसक इसको लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं कि पीसीबी ने नीलामी को लेकर सावधानी क्यों नहीं बरती। बता दें कि पीएसएल की शुरूआत 26 मार्च से होनी है।