यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Azam Khan: बैट पर फलीस्तीन का झंडा लगाने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी की सजा हुई माफ, PCB ने अपने फैसले पर लिया यू-टर्न
पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान मोईन खान के बेटे आजम खान (Azam Khan) पर दो दिन पहले पीसीबी मैच रेफरी ने मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगया था क्योंकि उ ...और पढ़ें

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Azam Khan Controversy: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अक्सर किसी-न-किसी वजह से सूर्खियों में रहता हैं। कभी कोई फैसले के चक्कर में तो कभी परफॉर्मेंस के चलते पीसीबी चर्चा में छाया रहता है। हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने अपने एक फैसले से ही यू-टर्न ले लिया है।
पीसीबी (PCB) ने एक घरेलू मैच के दौरान अपने बल्ले पर फलिस्तीन का झंडा दिखाने के लिए बल्लेबाज आजम खान (Azam Khan) पर लगाया गया मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना पूरी तरह से माफ कर दिया। ये फैसला मंगलवार को लिया गया, जबकि एक दिन पहले ही पीसीबी ने एक्शन लेते हुए 100 बल्लेबाज पर जुर्माना ठोका था।
PCB ने Azam Khan पर लगाए गए जुर्माने को किया माफ
दरअसल, पाकिस्तान टीम के पूर्व कप्तान मोईन खान के बेटे आजम खान (Azam Khan) पर दो दिन पहले पीसीबी मैच रेफरी ने मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगया था, क्योंकि उनके बल्ले पर फलिस्तीन का स्टिकर लगा हुआ था, जिसे हटाने से बल्लेबाज ने इनकार कर दिया था। इस बीच पीसीबी ने अपने फैसले पर यू-टर्न ले लिया है।
पीसीबी (PCB) ने हाल ही में कहा कि मैच अधिकारियों द्वारा आजम खान पर लगाए गए 50 प्रतिशत जुर्माने की पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने समीक्षा की है और उसे माफ कर दिया है।
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आजम खान पर एक मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों का पालन नहीं करने के बाद विकेटीकपर बल्लेबाज को पीसीबी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.4 का उल्लंघन करते हुए पाया गया था। इसके बावजूद पीसीबी ने जुर्माना आधा करने के पीछे की कोई वजह नहीं बताई और ये भी नहीं बताया कि टूर्नामेंट के आगे के मैचों में आजम टूर्नामेंट अपने बल्ले से स्टिकर हटाने के लिए राजी हुए है या नहीं।
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क्या कहते हैं ICC के नियम?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को अपने निजी संदेश जो राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय गतिविधियों से जुड़े हो उन्हें दिखाने की अनुमति नहीं है, जब तक कि खिलाड़ी या टीम अधिकारी के क्रिकेट संघ और पीसीबी क्रिकेट संचालन विभाग द्वारा पहले से इसकी मंजूरी न दे।