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    टी20 वर्ल्ड कप 2026 को यादगार बना गई संजू सैमसन की पारी

    By Abhishek TripathiEdited By: Praveen Kumar Mishra
    Updated: Tue, 03 Mar 2026 07:00 AM (IST)

    टी-20 विश्व कप में संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया। यह पारी उनके करिय ...और पढ़ें

    संजू सैमसन की पारी

    संजू सैमसन की पारी

    HighLights

    1. संजू सैमसन ने 97* रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया

    2. टी20 विश्व कप में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय का सर्वोच्च स्कोर

    3. गौतम गंभीर ने टीम वर्क, शिवम दुबे के योगदान को सराहा

    अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, कोलकाता। टी-20 विश्व कप में शुरुआती मैचों में ड्रिंक्स उठाने वाले संजू सैमसन ने ईडन गार्डेंस में रविवार रात ऐसा इतिहास रचा, जिसने टी-20 विश्व कप के इस संस्करण को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। वेस्टइंडीज के विरुद्ध करो या मरो के मुकाबले में 196 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सैमसन ने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन की विस्फोटक पारी खेली और भारत को सीधे सेमीफाइनल में पहुंचा दिया। यह पारी सिर्फ मैच जिताने वाली नहीं थी, बल्कि उनके करियर की बहुत बड़ी पारी भी थी।

    कुछ दिन पहले ही जब दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध सुपर-8 मैच से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अंतिम एकादश में सैमसन को खिलाने को लेकर सवाल पूछा गया था तो सूर्य ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि उनको किस की जगह खिलाएं। क्या आप चाहते हैं कि मैं उन्हें अभिषेक की जगह खिलाऊं या तिलक की जगह। यह कहकर उन्होंने संजू की टीम में जगह होने की संभावना को खारिज कर दिया था, लेकिन क्रिकेट भाग्य और धैर्य का खेल है और केरल के इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने धैर्य की मिसाल पेश की।

    संजू सैमसन की कमाल की पारी

    सितंबर 2025 में ओमान के विरुद्ध अर्धशतक के बाद से सैमसन खराब फॉर्म से जूझ रहे थे और टीम से बाहर हो गए थे। नामीबिया के विरुद्ध अभिषेक शर्मा की तबीयत खराब होने पर उन्हें मौका मिला, लेकिन वापसी के बाद फिर बाहर बैठना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद टीम मैनेजमेंट ने बदलाव किया और जिम्बाब्वे के विरुद्ध चेन्नई में सैमसन ने 15 गेंदों पर 24 रन बनाकर संकेत दे दिए थे कि बड़ी पारी दूर नहीं है। वेस्टइंडीज के विरुद्ध 196 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की शुरूआत खराब हुई। अभिषेक और ईशान किशन सस्ते में आउट हो गए, लेकिन सैमसन ने पारी को संभाला।

    उन्होंने सूर्यकुमार के साथ 58 रन और तिलक वर्मा के साथ 42 रन की साझेदारी की। अंतिम ओवर में रोमारियो शेफर्ड की पहली गेंद पर छक्का जड़कर मैच बराबर किया और अगली गेंद पर चौका लगाकर जीत दिलाई। पारी के बाद भावुक सैमसन जमीन पर बैठ गए और आसमान की ओर देखा। यह टी-20 विश्व कप में लक्ष्य का पीछा करते हुए किसी भारतीय बल्लेबाज का सर्वोच्च स्कोर है, जिसने विराट कोहली के 82* और रोहित शर्मा के 92 रन के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया।

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    सितांशु कोटक ने की सैमसन तारीफ

    मैच के बाद बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उनकी मेहनत और धैर्य की सराहना की। एक सप्ताह पहले ड्रिंक्स उठाने वाला खिलाड़ी अब देश की उम्मीदों को सेमीफाइनल तक ले गया है, यह सैमसन की दृढ़ता और विश्वास की कहानी है। गंभीर ने मैच के बाद कहा कि निश्चित रूप से न्यूजीलैंड के विरुद्ध संजू का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था इसलिए उन्हें विश्राम देना जरूरी हो गया था क्योंकि आप उन्हें उस दबाव वाली स्थिति से बाहर निकालना चाहते थे।

    कोच से पूछा गया कि उन्होंने सैमसन के साथ किस तरह की बातचीत की ताकि वह सही मानसिक स्थिति में रहे, इस पर गंभीर ने कहा कि मैं सभी से बात करता हूं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस टीम में शामिल सभी खिलाड़ी विश्वस्तरीय हैं और इसीलिए वे देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हम जानते थे कि संजू कितना प्रतिभाशाली है। बहुत कम बल्लेबाजों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीन शतक लगाए हैं। इसलिए हम जानते थे कि वह कितने प्रतिभाशाली हैं।

    शिवम का योगदान भी संजू जितना महत्वपूर्ण - गंभीर

    मुख्य कोच गौतम गंभीर का मानना है की टीम गेम में प्रत्येक खिलाड़ी का छोटा या बड़ा योगदान महत्वपूर्ण होता है लेकिन भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से इसका अभाव रहा है। गंभीर ने कहा कि अगर शिवम दुबे ने रविवार को वेस्टइंडीज के विरुद्ध टी-20 विश्व कप के मैच में 19वें ओवर दो चौके नहीं लगाए होते तो संजू सैमसन की 97 रन की मैच विजेता पारी की कोई बात नहीं कर रहा होता। गंभीर ने कहा कि जब तक वह कोच हैं, प्रत्येक खिलाड़ी के योगदान का पूरे सम्मान के साथ उल्लेख किया जाएगा।

    सभी खिलाड़ियों के योगदान पर बात जरूरी- गंभीर

    गंभीर ने पत्रकारों से कहा, मुझे खुशी है कि आप सभी के योगदान के बारे में बात कर रहे हैं क्योंकि कई वर्षों से हम केवल कुछ विशेष योगदानों के बारे में ही बात करते रहे हैं। यह एक टीम गेम है और यह हमेशा टीम गेम ही रहेगा। मेरे लिए शिवम के दो चौके भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने संजू के 97 रन, क्योंकि अगर उसने वे दो चौके नहीं लगाए होते तो आप उस (97 रन की पारी) के बारे में बात भी नहीं करते। बड़ा योगदान सुर्खियां बटोरता है, लेकिन छोटा योगदान भी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि वह टीम को जीत दिलाने में मदद कर सकता है, उसे लक्ष्य तक पहुंचा सकता है।

    इसीलिए मैं कहता हूं कि जब तक मैं इस पद पर हूं, हमारी आगे भी यही नीति रहेगी। दुनिया भर के कोच आंकडों (डेटा) को महत्वपूर्ण मानते हैं लेकिन इनमें गंभीर शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, सच कहूं तो मुझे आंकड़ों पर भरोसा नहीं है। मैंने कभी आंकड़े देखे ही नहीं। मुझे तो यह भी नहीं पता कि आंकड़े होते क्या हैं। मैं उन पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता, क्योंकि मुझे लगता है कि वे अधिकतर सहज ज्ञान पर आधारित होते हैं। गंभीर की यह टिप्पणी आश्चर्यजनक थी क्योंकि टीम डेटा विश्लेषक हरि प्रसाद पर काफी हद तक निर्भर रहती है।

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