सत्येंद्र जैन के बाद AAP के 2 और दिग्गजों पर खतरा, क्लासरूम और अस्पताल घोटाले में भी हो सकती है गिरफ्तारी
एसीबी में दर्ज दो हजार करोड़ के क्लासरूम और एक हजार करोड़ के अस्पताल घोटाले के मामले पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत अन्य की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। जांच लगभग पूरी हो चुकी है और इन मामलों में जल्द ही गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

सत्येंद्र जैन के बाद आप के दो और नेता हो सकते हैं गिरफ्तार। फोटो: वीडियो ग्रैब
HighLights
दो हजार करोड़ का क्लासरूम घोटाला, मनीष सिसोदिया भी शामिल
एक हजार करोड़ का अस्पताल घोटाला, सौरभ भारद्वाज भी आरोपित
एसीबी जांच पूरी, पूर्व मंत्रियों की गिरफ्तारी संभव
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। पिछले साल भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) में दर्ज घोटाले से जुड़े दो अन्य मामले भी आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री रहे सत्येंद्र जैन समेत अन्य मंत्रियों की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
दो हजार करोड़ के क्लासरूम घोटाला मामले में एसीबी ने पिछले साल जून में सत्येंद्र जैन व पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
उसके एक माह बाद जुलाई में भी एसीबी ने एक हजार करोड़ के अस्पताल घोटाला मामले में पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामले में जांच लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इनमें भी कभी भी आरोपितों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
अस्पताल घोटाले में नियमों के उल्लंघन का आरोप
जून 2025 में तत्कालीन एलजी वीके सक्सेना के निर्देश पर एसीबी ने अस्पतालों के निर्माण में एक हजार करोड़ का घोटाला मामले में सौरभ भारद्वाज व सत्येंद्र जैन समेत पीडब्ल्यूडी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया था।
जांच में नियमों, निविदा शर्तों और वित्तीय प्रोटोकाल के गंभीर उल्लंघन का पता चला था, जिसमें जानबूझकर देरी, परियोजना की लागत में वृद्धि शामिल था। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
साजिश को उजागर करने, उसमें शामिल मंत्रियों, अधिकारियों व निजी संस्थाओं की भूमिका व जवाबदेही निर्धारित करने के लिए व्यापक जांच की गई। 22 अगस्त 2024 को दिल्ली विधानसभा में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया।
शिकायत में उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को उजागर किया गया था और सौरभ भारद्वाज व सत्येंद्र जैन का नाम लिया था। परियोजना बजट में हेराफेरी, सार्वजनिक धन का दुरुपयोग और निजी ठेकेदारों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया था।
24 अस्पताल परियोजनाओं में अनियमितताओं का आरोप
आरोप था कि 2018-2019 के दौरान 5,590 करोड़ रुपये की 24 अस्पताल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं अधिकतर अधूरी रहीं, निर्माण की लागत में वृद्धि हुई।
इसी तरह 1,125 करोड़ की लागत वाली आईसीयू अस्पताल परियोजना, जिसमें कुल 6,800 बेड वाली सात प्री-इंजीनियर्ड सुविधाएं शामिल हैं, लगभग तीन साल और 800 करोड़ के व्यय के बाद भी केवल 50 प्रतिशत ही पूरी हो पाईं।
ज्वालापुरी (मेसर्स परनिका कामर्शियल एंड एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड) और मादीपुर (मेसर्स रामा सिविल इंडिया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड) के सरकारी अस्पतालों में अनधिकृत अतिरिक्त निर्माण कार्य सक्षम अधिकारियों की मंजूरी के बिना किया गया। मादीपुर अस्पताल परियोजना को नवंबर 2022 तक पूरा किया जाना था, जे अभी भी अधूरी है।
क्लासरूम घोटाले में ठेकेदारों और बिचौलिये की पहचान
उधर दो हजार करोड़ के क्लासरूम घोटाला मामले में भी एसीबी ने जुलाई 2025 में शिक्षा मंत्री रहे मनीष सिसोदिया व पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे सत्येंद्र जैन समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इस मामले में भी निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों और पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के साथ-साथ बिचौलिये की भी पहचान कर ली गई है। दोनों मंत्रियों ने एसीबी जून में ही पूछताछ कर चुकी है। 2019 में एसीबी को सरकारी स्कूलों में 2,892 करोड़ की लागत से 12,748 कक्षाओेंं के निर्माण में घोटाले की शिकायत मिली थी।
एक क्लासरूम की लागत लगभग 24.86 लाख रुपये बताई गई थी जबकि लागत पांच लाख होनी चाहिए थी। 34 ठेकेदारों को निर्माण कार्य का टेंडर दिया गया जिनमें अधिकतर आप से जुड़े पाए गए।
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